मुजफ्फरनगर-जानलेवा शीत में बेसहारों के लिए धरती पर उतरा प्रशासन

एडीएम वित्त ने अधिकारियों के साथ सर्द रात में किया नगर भ्रमण, सड़क पर सोते लोगों को आश्रय में पहुंचाया

मुजफ्फरनगर। कड़ाके की ठंड में जब गलन जानलेवा बन रही है, ऐसे समय में प्रशासन बेसहारा और जरूरतमंद लोगों के लिए सहारा बनकर सामने आया है। सोमवार की सर्द रात में एडीएम वित्त ने अन्य अधिकारियों के साथ नगर का भ्रमण कर सड़कों पर सो रहे लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचाया, रैन बसेरों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जरूरतमंदों को कम्बल वितरित कर मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया।

शीतलहर के दौरान निराश्रित, असहाय एवं खुले में रह रहे व्यक्तियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गजेंद्र कुमार द्वारा नगर में संचालित रैन बसेरों एवं सार्वजनिक स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए मूलभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। इस नगर भ्रमण के दौरान एडीएम वित्त पूरी टीम के साथ जिला अस्पताल परिसर स्थित रैन बसेरे एवं रेलवे स्टेशन क्षेत्र में संचालित रैन बसेरों में पहुंचे और जायजा लिया। इस दौरान वहां उपलब्ध बिस्तर, कंबल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का गहनता से जायजा लिया तथा जरूरतमंदों को कंबल वितरण किया गया! उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि रैन बसेरों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए तथा प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को सम्मानजनक एवं सुरक्षित आश्रय सुनिश्चित कराया जाए।

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इसके उपरांत उन्होंने रोडवेज बस स्टैंड का निरीक्षण किया गया, जहां खुले में सो रहे व्यक्तियों को तहसील सदर की टीम के सहयोग से रैन बसेरों में भिजवाया गया। निरीक्षण के दौरान अलाव ताप रहे लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, जरूरतों एवं सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर उनको आश्रय स्थलों की जानकारी देते हुए रात वहां पर गुजारने के लिए प्रेरित किया। कुछ जरूरतमंद लोगों को गरम कम्बल भी वितरित किये गये। अधिकारियों को सुधारात्मक निर्देश देते हुए शीतलहर से जनहानि की किसी भी संभावना को रोकने के लिए रात्रिकालीन गश्त एवं निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया, ताकि कोई भी व्यक्ति मजबूरी में खुले आसमान के नीचे रात बिताने को विवश न हो। उन्होंने कहा कि ठंड के इस मौसम में प्रशासन की प्राथमिकता मानव जीवन की सुरक्षा है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड़, नायब तहसीलदार अर्जुन सिंह एवं हरेंद्र पाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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