अनुशासनहीनता और संगठन विरोधी गतिविधियों का आरोप, नए पदाधिकारियों की नियुक्ति कर नेतृत्व ने दिए सख्त संदेश
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। हरिद्वार चिंतन शिविर के बाद प्रदेश समन्वय समिति की संस्तुति पर संगठन ने चार वरिष्ठ नेताओं को सभी पदों से हटाते हुए यूनियन से निष्कासित कर दिया। इसके साथ ही संगठन में खाली हुए दायित्वों पर नए चेहरों की नियुक्ति कर नेतृत्व ने संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया है।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार प्रयागराज के सालिकराम यादव, लखनऊ के शिवकुमार सिंह, के.के. सिंह और दिलराज सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से संगठन से निष्कासित कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि प्रदेश समन्वय समिति के संज्ञान में आए एक प्रकरण की समीक्षा के बाद संबंधित पदाधिकारियों को संगठन विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता में संलिप्त पाया गया, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।

बताया जा रहा है कि हरिद्वार में आयोजित चिंतन शिविर के दौरान संगठनात्मक मजबूती, अनुशासन और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई थी। इसी क्रम में प्रदेश समन्वय समिति ने संबंधित प्रकरण पर निर्णय लेते हुए शीर्ष नेतृत्व को कार्रवाई की संस्तुति भेजी थी, जिस पर अंतिम मुहर लगा दी गई। इधर, संगठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मध्यांचल क्षेत्र के अध्यक्ष रहे सालिकराम यादव अपने समर्थकों के साथ काफी समय पहले ही संगठन से इस्तीफा दे चुके थे। इसके बावजूद संगठन ने औपचारिक रूप से उनके निष्कासन का आदेश जारी किया है।
संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा ने नए पदाधिकारियों की नियुक्ति भी घोषित की है। इसके तहत दिलबाग सिंह को लखनऊ मंडल का मंडल अध्यक्ष, हरदयाल सिंह को लखीमपुर खीरी का जिलाध्यक्ष तथा अनुपम वर्मा को मध्यांचल क्षेत्र का जोनल अध्यक्ष बनाया गया है। नवनियुक्त पदाधिकारियों से संगठन ने अपेक्षा जताई है कि वे संगठन की नीतियों, किसान हितों और चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के साथ संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का कार्य करेंगे। भाकियू में एक साथ चार प्रमुख नेताओं के निष्कासन और नए मनोनयनों को संगठन के भीतर अनुशासन कायम करने तथा आगामी किसान आंदोलनों और संगठनात्मक गतिविधियों के मद्देनजर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






