दोना-पत्तल फैक्ट्री में अमानवीय ढंग से बंधक बनाकर दी जाती थी खौफनाक यातनाएं, फरार चल रहा था आरोपी
मुजफ्फरनगर। तितावी क्षेत्र के गांव मांडी में दोना-पत्तल फैक्ट्री में बिहार, उत्तराखंड, राजस्थान, यूपी समेत नेपाल के श्रमिकों को बंधक बनाकर यातना देने और मजदूरी कराने के मामले में फरार चल रहे आरोपी पूर्व प्रधान विपिन बालियान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी इस टॉर्चर फैक्ट्री के मुख्य आरोपी अंकित बालियान का चाचा है, जिसकी भूमि पर फैक्ट्री लगी हुई है। एसआईटी इस प्रकरण की जांच कर रही है। मुख्य आरोपी को रिमांड पर लेकर ही पुलिस ने कई चौकाने वाले खुलासे किये थे।
तितावी के मांडी गांव स्थित दोना-पत्तल की फैक्ट्री से 23 जून को सुपरवाइजर शिवा त्यागी को चकमा देकर राजस्थान के जोधपुर निवासी श्रमिक विक्रम दीवार फांदकर भाग निकला था। पीछा करने पर गन्ने के खेत में छिप गया था। उसके बाद किसी तरह से बचकर विक्रम ने थाने में तितावी पुलिस को सूचना दी थी। इस पर एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने एसपी देहात अक्षय संयज महाडीक, पूर्व सीओ फुगाना विश्वजीत सिंह, एसओेजी देहात प्रभारी मोहित चौधरी की टीम बनाकर फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई कराई थी। यहां से 13 श्रमिकों को मुक्त कराया गया था। पूछताछ में श्रमिकों ने फैक्ट्री मालिक प्रदीप बालियान, उसके पुत्र मुख्य संचालक अंकित बालियान समेत सुपरवाइजर शिवा त्यागी, रबीत उर्फ रेबिट द्वारा डेढ़ साल से बंधक बनाकर यातना देने, मारपीट करने का राजफाश किया था। फैक्ट्री में श्रमिकों को चोकर की सूखी रोटी, लाल-हरी मिर्च व नमक खाने को दिया जाता था। आरोपी श्रमिकों से बेहतर खाना अपने पिटबुल डॉग को देते थे।
श्रमिकों से निरंतर काम कराया जाता था। विरोध करने पर बल्लम से दागते थे, वहीं कई श्रमिकों के हथौड़ा मारकर नाखून तोड़ दिए थे। श्रम प्रवर्तन अधिकारी बालेश्वर सिंह की ओर से आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस प्रकरण में फरार चल रहे आरोपी विपिन बालियान को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने श्रमिकों को बंधक बनाने के मुख्य आरोपी अंकित बालियान को हरियाणा की फरीदाबाद जेल से रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। उसके कब्जे से तमंचा बरामद किया गया था। इसके बाद अब पुलिस ने इस मामले फरार चल रहे मुख्य आरोपी अंकित के चाचा विपिन बालियान को भी गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 12.42 बजे आरोपी विपिन को मुकंदपुर झाल से करवाड़ा जाने वाले मार्ग पर हैदरनगर जंगल की पुलिया के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अलावा बाल श्रम अधिनियम 1986, बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम 1976 और किशोर न्याय अधिनियम की धाराएं शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मजदूरों से जुड़े आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच अभी जारी है और अन्य वांछित आरोपियों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष जयवीर सिंह, उपनिरीक्षक नवनीत यादव, कांस्टेबल दीपक कुमार, कांस्टेबल अर्जुन सिंह और महिला कांस्टेबल मेघा चौधरी शामिल रहे।
