सहारनपुर। महापौर डॉ. अजय कुमार की अध्यक्षता में नगर निगम बोर्ड की आज देर शाम तक चली बैठक में मेला गुघाल वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित एक करोड़ 99 लाख के मूल बजट तथा तीन करोड़ 65 लाख के अनुमानित आय बजट पर नगर निगम बोर्ड भी मुहर लगा दी। कार्यकारणी समिति में यह बजट पूर्व में ही सर्व सम्मति से पारित हो चुका है। मेले का ठेका तीन वर्ष के लिए देने पर भी बोर्ड ने मुहर लगायी। मेला गुघाल के लिए संयोजक तथा सहसंयोजक बनाने का अधिकार उपसभापति मयंक गर्ग के सुझाव पर सदन ने सर्व सम्मति से महापौर को दे दिया।
सर्किट हाउस में महापौर डॉ. अजय कुमार की अध्यक्षता में हुयी नगर निगम बोर्ड की बैठक में सहायक लेखाधिकारी राजीव कुशवाह ने मेला गुघाल वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित एक करोड़ 99 लाख का मूल बजट तथा तीन करोड़ 65 लाख का अनुमानित आय बजट प्रस्तुत किया। गत वर्ष मूल बजट एक करोड़ 42 लाख था जिसे इस वर्ष बढ़ाकर एक करोड़ 99 लाख किया गया है। यानि गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष मेले को भव्य बनाने के लिए उसकी व्यवस्था पर नगर निगम करीब 47 लाख रुपये अधिक व्यय करेगा। मेला गुघाल का पार्किंग ठेका तथा पथ प्रकाश ठेका एक साथ देने पर भी सदन ने मुहर लगायी। पार्षद अभिषेक अरोड़ा टिंकू, नीरज शर्मा, दिग्विजय चौहान, मंसूर बदर, मुकेश गक्खड़ व चौ.वीरसेन सिद्धू ने मेले के सम्बंध में अनेक सुझाव देते हुए चर्चा में हिस्सा लिया। पार्षदों की जिज्ञासा पर महापौर डॉ. अजय कुमार ने विस्तार से उन तथ्यों और शर्तो की जानकारी दी कि मेला गुघाल का ठेका तीन वर्ष के लिए क्यों दिया जा रहा है।
ये प्रस्ताव भी किये गए पारित
इसके अतिरिक्त प्रस्ताव संख्या 85 में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आरसीसी नाला निर्माण, सड़क निर्माण व बाउण्ड्रीवाल आदि निर्माण कार्य सम्बंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किये गए। इनमें वार्ड 26 मानकमऊ में नगर निगम की भूमि पर प्रीकॉस्ट बाउण्ड्रीवाल, खत्ताखेड़ी मुख्य रोड पर सीसी सड़क निर्माण का कार्य, वार्ड 37 गिल कॉलोनी में लेन नंबर दो में एसपी गुलाटी के मकान से अतुल मेडिकल स्टोर कोर्ट रोड तक दोनों साइड आरसीसी नाला निर्माण, वार्ड 39 इंद्रा कॉलोनी तथा वार्ड 50 हकीकत नगर में भी आरसीसी नाला निर्माण कार्य तथा वार्ड 53 में शौचालय निर्माण का कार्य शामिल है। जबकि वार्ड 43 व वार्ड 49 में सीसी सड़क व नाला निर्माण कार्यो के प्रस्ताव पर महापौर ने मुख्य अभियंता निर्माण को निर्देश दिए कि वे एक बार पुनः इन्हें ठीक से दिखवा ले और अगली बैठक में प्रस्ताव प्रस्तुत करें। महापौर ने कहा कि जिन नालों का निर्माण किया जा रहा है वहां यह देख लिया जाए कि नाले के पानी की निकासी आगे ठीक से हो रही है या नहीं। प्रस्ताव संख्या 87 में उद्यान विभाग द्वारा वार्ड 50 हकीकत नगर व वार्ड 18 लेबर कॉलोनी में पम्प वाले पार्को में पाथवे, ग्रिल गेट, व ओपन जिम आदि का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य कराने के लिए करीब 30-30 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी।
इसके अतिरिक्त निर्माण विभाग द्वारा एक अन्य प्रस्ताव कच्ची सड़कों के निर्माण के संबंध में रखा गया। महापौर ने स्पष्ट किया कि इन सड़कों के सम्बंध में पूरी कार्ययोजना बनायी जायेगी, आगणन कराया जायेगा, आपत्ति मांगी जायेगी, आपत्ति आयेगी तो उस पर चर्चा कर उनका निस्तारण किया जायेगा और उसके बाद धन की उपलब्धता के आधार पर वहां सड़कों का निर्माण कराया जायेगा। इस प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके अतिरिक्त अनेक क्षेत्रों में पानी निकासी व सीवर के सम्बंध में संजय सैनी, राजू सिंह, राजेंद्र कोहली, गौरव कपिल आदि ने मुद्दे उठाए। जबकि सुभाष चंद, वीरेंद्र उपाध्याय, स्वराज, कपिल धीमान, मोहरसिंह, सलेख चंद, संजय गर्ग, अमित त्यागी, ज्योति अग्रवाल, सुधीर पंवार,मनीष सचदेवा, गौरव जैन, मनोज प्रजापति, के के बत्रा, राजकुमार शर्मा, शिवमंगल सहित अनेक पार्षदों ने लाईट, अतिक्रमण सहित अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
सलाटर हाउस पर चर्चा:
सलाटर हाउस पर अनेक पार्षदों ने चर्चा में भाग लेते हुए अनेक सवाल उठाए जिस पर निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी व महापौर डॉ अजय कुमार ने स्पष्ट किया कि पूर्व में कमेला कॉलोनी स्थित स्लॉटर हाउस से 2 करोड़ 62 लाख 786 रुपये वार्षिक शुल्क प्राप्त हो रहा था परंतु एन जी टी के आदेश पर आबादी क्षेत्र से बाहर पशु वधशाला संचालित की जानी है जिसके लिए नवीन निविदा आमंत्रित की गई है। जिसमें न्यूनतम वार्षिक मूल्य 50 लाख रुपए (बेस प्राइस ) रखा गया है। इसका कारण है कि नवीनतम निविदा बूट (बिल्ड ऑन आपरेट ट्रांसफर) यानि एक सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल पर आधारित है जिसमें पशुवधशाला संचालन हेतु भूमि, इमारत, मशीनरी, एन ओ सी आदि समस्त व्यवस्थाएं निविदादाता को स्वयं करनी होगी। जबकि पूर्व में कमेला कॉलोनी स्थित पशुवधशाला में भूमि, इमारत, मशीनरी, एन ओ सी, लाइसेंस आदि समस्त व्यवस्था नगर निगम द्वारा निविदादाता को उपलब्ध कराए गए थे।
महापौर ने ये भी दिए निर्देश-
महापौर ने अधिकारियों को नगर निगम परिसर में सभी पार्षदों के नाम का एक शिलापट लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी किसी के दबाव में काम न कर जनहित में काम करें। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के साथ ही ठेकेदार वहां शिलापट भी लगाये। एमबी तभी पूरी मानी जायेगी जब शिलापट लग जायेगा। उन्होेंने गांधी पार्क का सौंदर्यीकरण करने तथा एसटीप्लांट की गिरी हुई दीवार का निर्माण वाबैग से कराने के निर्देश भी दिए।
