चरण सिंह के साथी सपा के पहले जिलाध्यक्ष चौधरी हरिराम का निधन

बीकेडी और जनता दल में रहकर की पूर्व पीएम के लिए संगठनात्मक सियासत, मुलायम सिंह के रहे घनिष्ठ

मुजफ्फरनगर। चौधरी चरण सिंह के वफादार साथी और समाजवादी पार्टी के पहले जिलाध्यक्ष रहे चौधरी हरिराम इन दिनों गंभीर रूप से अस्वस्थ चल रहे थे, मंगलवार को उन्होंने जानसठ रोड बाईपास के निकट अपने आवास पर अंतिम सांस ली, वो 97 साल के थे। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को सुबह किया जायेगा। चौधरी हरिराम ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के साथ राजनीतिक सफर शुरू किया था, वो मुलायम सिंह यादव के भी घनिष्ठ साथी और समाजवादी पार्टी के पहले जिलाध्यक्ष रहे। उनके परिवार में दो पुत्र और एक पुत्री हैं। परिवार से कोई भी राजनीतिक रूप से सक्रिय नहीं रहा।

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एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह और पूर्व राज्यपाल चौधरी वीरेन्द्र सिंह के साथ चौधरी हरिराम का फाइल फोटो।

मूल रूप से जनपद शामली के गांव सोटा निवासी चौधरी हरिराम को सादा जीवन उच्च विचार वाला व्यक्ति माना जाता रहा है। वो करीब 1960 के आसपास अपने पैतृक गांव सोटा से मुजफ्फरनगर आकर बस गये थे। इसके बाद वो यहां पर राजनीतिक रूप से सक्रिय हुए तो चौधरी चरण सिंह की विचारधारा से प्रभावित होकर उनके साथ जुड़ गये। चौधरी चरण सिंह ने भी उनको भरपूर स्नेह और सांगठनिक दायित्व देकर सम्मान दिया और बीकेडी का जिलाध्यक्ष बनाया, इसके बाद जनता दल का भी जिलाध्यक्ष पद उनको दिया गया। वो चौधरी चरण सिंह के खास साथी के रूप में पहचान बनाने में सफल रहे।

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पूर्व गृह राज्यमंत्री सईदुज्जमा के साथ चौधरी हरिराम का एक फाइल चित्र, जो साल 1988 के एक कार्यक्रम के दौरान लिया गया था।

1967 में जब चौधरी चरण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे तो चौधरी हरिराम ने उनकी याद में गांव शेरनगर का मुख्य द्वार चौधरी चरण के नाम पर ही बनवाया था और इसके उदघाटन के लिए मुख्यमंत्री रहते हुए उनको यहां बुलवाया गया था। इसके बाद वो मुलायम सिंह यादव के करीब होते चले गये और बीकेडी, जनता दल तथा लोकदल के दौर के बाद जब 1992 में मुलायम सिंह यादव ने अपना अलग दल समाजवादी पार्टी बनाया तो चौधरी हरिराम ही पहले जिलाध्यक्ष बनाये गये थे, वो साल 1996 तक सपा के जिलाध्यक्ष रहे और मुलायम सिंह यादव की विचारधारा तथा समाजवादी की नीति को जन जन तक पहुंचाते हुए जिले में सपा को संगठन के तौर पर मजबूती प्रदान की। वो कोपरेटिव सियासत में भी सक्रिय रहे और कई समितियो में प्रतिनिधित्व दिया।

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बुधवार को नई मंडी श्मशान घाट पर नौ बजे अंतिम संस्कार

मंगलवार को चौधरी हरिराम ने लंबी बीमारी के कारण अपने आवास पर अंतिम सांस ली। इसकी जानकारी मिलने पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों के साथ ग्रामीणों और अन्य लोगों ने उनके आवास पर पहुंचकर उनके पुत्रों चौधरी राकेश और चौधरी मुकेश से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। पूर्व मंत्री डीपी यादव भी उनके निधन का समाचार मिलने पर आवास पर पहुंचे। कई लोगों ने चौधरी हरिराम के साथ बिताए राजनीतिक दौर और उनके सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान को भी याद किया। परिजनों ने बताया कि चौधरी हरिराम का अंतिम संस्कार बुधवा को प्रातः नौ बजे भोपा रोड नई मंडी स्थित श्मशान घाट पर किया जायेगा।

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