नई दिल्ली – एफएसएसएआई ने शिशु पोषण उत्पादों के नियमों के उल्लंघन पर नेस्ले इंडिया के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए हैं। एनएएन एक्सेला प्रो स्टेज 1 और लैक्टोजेन प्रो 1 के प्रचार दावों पर आपत्ति जताई गई। आइए जानते हैं कि एफएसएसएआई ने क्या कहा है? भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने शुक्रवार को नेस्ले इंडिया लिमिटेड के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। मामला उत्पादों के प्रचार में किए गए कुछ दावों और एक प्रोडक्ट में पोषक तत्व की तय मात्रा से जुड़ा है। जिन उत्पादों को लेकर सवाल उठाए गए हैं, उनमें एनएएन एक्सेला प्रो 1,लैक्टोजेन प्रो 1 और नेस्ले का एक फॉलो-अप फॉर्मूला शामिल है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। फिलहाल एफएसएसएआई ने कथित नियम उल्लंघन को लेकर तीन अलग-अलग मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की है। अंतिम फैसला संबंधित प्राधिकरण की जांच और सुनवाई के बाद ही होगा। एफएसएसएआई के कानूनी नोटिस के मुताबिक, एनएएन एक्सेला प्रो स्टेज 1 के प्रचार में ‘5 HMOs’ और ‘Whey Protein’ से जुड़े दावे किए गए थे। एफएसएसएआई ने इन दावों को लेकर नेस्ले इंडिया से स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद प्राधिकरण ने कहा कि प्रचार सामग्री फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (शिशुओं के पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) रेगुलेशन, 2020′ के रेगुलेशन 4(2) के अनुरूप नहीं पाई गई। इस नियम के तहत शिशुओं के लिए बनाए गए खाद्य उत्पादों के प्रचार और ऐसे दावों पर कई तरह की पाबंदियां हैं, खासकर जब उनका उद्देश्य उत्पाद की बिक्री बढ़ाना हो।
