3 से 7 अगस्त तक भारी बारिश होने की संभावना को लेकर हाई अलर्ट पर प्रशासन, डीएम ने सभी विभागों को मुस्तैद रहने और राहत शिविर तैयार रखने के दिए निर्देश
मुजफ्फरनगर। मौसम विभाग द्वारा 3 अगस्त से 7 अगस्त के बीच जिले में भारी बारिश की संभावना जताए जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशासन ने सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सभी संबंधित अधिकारियों को संभावित जलभराव, बाढ़ जैसी परिस्थितियों और अन्य आपदाओं से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए हैं। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने बताया कि सभी उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) को अपने-अपने क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा करने, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन ने राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, नगर निकायों तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों और राहत बलों को हाई अलर्ट पर रखा है। संभावित प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां पहले से आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति में राहत कार्यों में देरी न हो।
जिला प्रशासन ने राहत चौकियों और राहत शिविरों को चिन्हित स्थानों पर तत्काल प्रभाव से संचालन योग्य स्थिति में तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा गांव स्तर तक निगरानी बढ़ाने, ग्राम प्रधानों, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन समितियों को सक्रिय रखने पर विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आपात स्थिति की सूचना मिलते ही बिना विलंब राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जाएं, ताकि जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखा जा सके।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
मुजफ्फरनगर जनपद में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और जलभराव वाले क्षेत्रों, नालों, पुलों तथा तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचें। अधिक पानी भरे रास्तों को पार करने का प्रयास न करें तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बिजली के खंभों, टूटे हुए विद्युत तारों और खुले बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखने, बच्चों को जलभराव वाले क्षेत्रों में न खेलने देने तथा वाहन चलाते समय धीमी गति और अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। लोगों से आवश्यक दवाइयां, पीने का पानी, टॉर्च, मोबाइल चार्जर और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित स्थान पर रखने को भी कहा गया है। साथ ही नदी, नहर, तालाब और अन्य जलाशयों के किनारे जाने से बचने की हिदायत दी गई है। किसी भी आपात स्थिति, जलभराव या दुर्घटना की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन, पुलिस अथवा आपदा प्रबंधन विभाग को देने की अपील की गई है। जिला प्रशासन ने बताया कि 24 घंटे संचालित इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर सक्रिय है। सहायता के लिए मोबाइल नंबर 9412210080 तथा टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
