जुलाई-2026 में बिना एक भी शिकायत डिफॉल्टर हुए हासिल की उपलब्धि, सभी 21 थानों ने समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का बनाया रिकॉर्ड
मुजफ्फरनगर। जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में मुजफ्फरनगर पुलिस ने प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जुलाई-2026 की राज्य स्तरीय रैंकिंग में जिले ने बिना एक भी शिकायत डिफॉल्टर हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसके चलते उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। इस उपलब्धि को लेकर पुलिस विभाग में उत्साह का माहौल है।
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) का उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष, समयबद्ध और संतुष्टिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। इसी व्यवस्था के तहत मुजफ्फरनगर पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक के निकट पर्यवेक्षण में शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया। जिले के सभी थानों और जांच अधिकारियों ने शिकायतों का समय पर निस्तारण करते हुए गुणवत्ता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आईजीआरएस शाखा, थानों में नियुक्त कर्मचारियों तथा सभी जांच अधिकारियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम रहा कि जुलाई-2026 के दौरान एक भी शिकायत लंबित या डिफॉल्टर नहीं हुई। शिकायतों का समयबद्ध और संतुष्टिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के कारण मुजफ्फरनगर पुलिस को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। इस उपलब्धि पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, आईजीआरएस शाखा और जांचकर्ताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा भविष्य में भी इसी कार्यशैली को बनाए रखते हुए और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए सभी को प्रोत्साहित किया गया है।
विशेष बात यह रही कि जनपद के सभी 21 थानों ने भी जुलाई-2026 के दौरान आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जिले के सभी थानों का यह सामूहिक प्रदर्शन मुजफ्फरनगर पुलिस की प्रभावी कार्यप्रणाली और जवाबदेही का प्रमाण माना जा रहा है। इससे न केवल शासन की शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूती मिली है, बल्कि आम जनता का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा भी और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
