MUZAFFARNAGAR-प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में घोटाला

मुजफ्फरनगर। जनपद में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत एक बड़ा फर्जीवाडा और घोटाला सामने आया है। इसमें राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के अन्तर्गत पंजीकृत प्रशिक्षण भागीदार संस्था के द्वारा 18 प्रशिक्षणार्थियों का का फर्जी पंजीकरण दर्शाते हुए उनकी मासिक उपस्थित दर्ज की गई और निगम से योजना के अन्तर्गत प्रशिक्षण संचालन के तहत निर्धारित फंड भी प्राप्त किया। जब संस्था ने निरीक्षण किया तो वहां पर एक भी प्रशिक्षणार्थी उपस्थित नहीं मिला, जबकि उस दिन भी सभी प्रशिक्षण अभ्यर्थियों की संस्था ने बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराई थी। निगम के प्रतिनिधि की शिकायत पर एसएसपी के आदेश पर भोपा थाने में इस वित्तीय अनियमितता को लेकर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के अंतर्गत संचालित एक प्रशिक्षण भागीदार संस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। एनएसडीसी ने मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र में स्थित जगदीश प्रसाद मेमोरियल सोसाइटी और उससे संब( जेपीएस पब्लिक स्कूल पर फर्जी प्रशिक्षण दर्शाते हुए पात्र प्रशिक्षणार्थियों की फर्जी उपस्थिति दर्ज करते हुए योजना के अन्तर्गत सरकारी धन प्राप्त कर उसका दुरुपयोग करने और धोखाधड़ी जैसे संगीन अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया है।

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न्यू मोती बाग नई दिल्ली स्थित एनएसडीसी कार्यालय के अधिकृत प्रतिनिधि राज्य सहभागिता सहायक समन्वयक एमआर अभिमान सिवाच के द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया है कि उक्त संस्था ने आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से कौशल विकास योजना में प्रशिक्षण पाने वाले 18 अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की, जबकि पांच दिसम्बर 2024 में निगम की टीम द्वारा इस प्रशिक्षण केन्द्र पर संचालित प्रशिक्षण की जानकारी के लिए औचक निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षण केंद्र पूरी तरह से बंद पाया गया और कोई भी छात्र उपस्थित नहीं था।

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श्री सिवाच ने 8 जुलाई 2025 को एसएसपी को दी अपनी शिकायत में बताया कि एनएसडीसी द्वारा योजनानुसार इस प्रशिक्षण भागीदार संस्था जेपीएस पब्लिक स्कूल मोरना को प्रशिक्षण संचालन के लिए फंड आवंटित किया गया था, लेकिन निरीक्षण में यह पाया गया कि आवंटित धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के विपरीत किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि 11 फरवरी 2025 को आरोपी संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। संस्था पर प्रशिक्षण के नाम पर फर्जी उपस्थिति दर्ज कर फंड हड़पने का आरोप है। एनएसडीसी ने इसे आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, धोखाधड़ी, और संपत्ति के आपराधिक दुरुपयोग की श्रेणी में में रखते हुए कार्यवाही की मांग की।

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एसएचओ भोपा ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि निगम प्रतिनिधि श्री सिवाच की तहरीर पर एसएसपी के आदेश प्राप्त होने के बाद जेपीएस पब्लिक स्कूल और सोसाइटी चलाने वाले राजन गौड के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 336 जालसाजी), धारा 314 (संपत्ति का आपराधिक दुरुपयोग), धारा 316 (आपराधिक विश्वासघात), और धारा 318 (धोखाधड़ी) के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही प्रारम्भ कर ली गई है। पुलिस के अनुसार इसमें लाखों रुपये के सरकारी धन का दुरूपयोग करने के आरोप हैं, निष्पक्ष जांच होगी। बता दें कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में प्रशिक्षण के लिए 8 हजार रुपये प्रतिमाह का मानदेय प्रशिक्षणार्थियों को दिया जाता है। इसके अतिरिक्त उनको सम्बंधित कार्य के प्रशिक्षण के लिए ड्रेस और किट भी दी जाती है। 

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