शिवदत्त की देह के साथ देर रात तक चला सड़क पर धरना

बीएसएफ अधिकारियों और प्रशासन से वार्ता के बाद बनी सहमति, एक्सिडेंटल फायरिंग में हुई थी एएसआई शिवदत्त प्रजापति की मौत

पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान के हस्तक्षेप से समाप्त हुआ विवाद, परिजन कर रहे थे शिवदत्त को शहीद का दर्जा देने की मांग

मुजफ्फरनगर। भोपा कस्बा के निवासी तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) के पद पर तैनात वीर जवान शिवदत्त प्रजापति की जम्मू-कश्मीर के बारामुला सेक्टर में ड्यूटी के दौरान हुई मृत्यु के बाद उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने शिवदत्त को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर अंतिम संस्कार रोकते हुए धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि देश की सेवा करते हुए जान गंवाने वाले जवान को शहीद का सम्मान मिलना चाहिए।

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जवान की मौत की सूचना मिलने पर पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान मौके पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। धरने के दौरान भी वो ग्रामीणों के साथ मौके पर ही डटे रहे। उन्होंने बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी ली तथा परिजनों की भावनाओं से उन्हें अवगत कराया। लंबी बातचीत और अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजनों और ग्रामीणों को समझाया गया, जिसके बाद देर रात धरना समाप्त हो गया।

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धरना समाप्त होने के बाद बीएसएफ के जवानों और प्रशासन की मौजूदगी में एएसआई शिवदत्त प्रजापति का पूरे राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। पूरे गांव में गमगीन माहौल के बीच लोगों ने नम आंखों से वीर जवान को अंतिम विदाई दी।

बीएसएफ की ओर से जारी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एएसआई शिवदत्त प्रजापति की मृत्यु एक्सिडेंटल फायर (दुर्घटनावश चली गोली) के कारण हुई है। बल के अधिकारियों ने बताया कि घटना की परिस्थितियों की विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है। वहीं परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए जान गंवाने वाले जवान को उचित सम्मान और सभी निर्धारित सुविधाएं मिलनी चाहिए। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि उन्होंने बीएसएफ के अधिकारियों से विस्तृत बातचीत की है और परिजनों की सभी भावनाओं एवं मांगों से उन्हें अवगत कराया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले में जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, उसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

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