मुजफ्फरनगर में फर्जी कारोबारः सरकार को लगाया 20 करोड़ का फटका

जांच में कई कंपनियों में सामने आया फर्जी बिलिंग पर खरीद-फरोख्त का मामला, जीएसटी विभाग के निशाने पर आये दर्जनों कारोबारी

मुजफ्फरनगर। फर्जी कंपनी बनाकर हवा में ही कारोबार किया गया। खरीद और फरोख्त के फर्जी बिल लगाकर चार फर्जी कंपनियों के कारोबारियों ने सरकार को ही करीब 20 करोड़ रुपये का फटका लगा दिया। ये कारोबार दिखाते हुए इन दोनों कारोबारियों ने जीएसटी विभाग से आईटीसी क्लेम किया और धोखाधड़ी करते हुए इस रकम को हड़प लिया। जब आईटीसी क्लेम करने वाली इन बोगस कंपनियों की विभाग ने धरातल पर जांच पड़ताल की तो कारोबारी गतिवधियों के नाम पर कुछ नहीं मिला और फर्जी कारोबार के सहारे सरकार का पैसा हड़पने के मामले में दोनों कंपनियों के प्रोपराइटरों के खिलाफ जीएसटी विभाग द्वारा एफआईआर कराई गई है।
मुजफ्फरनगर में जीएसटी चोरी का एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। यहां पर बोगस कंपनियों के सहारे अरबों रुपये का खेल सामने आ चुका है। बोगस फर्म बनाकर माल की खरीद-फरोख्त किए बिना ही जीएसटी रिफंड हड़पने वालों के खिलाफ चल रही जांच में लगातार कार्यवाही हो रही है। राज्य वस्तु एवं सेवाकर (एसजीएसटी) की विशेष जांच शाखा (एसआईबी) मुजफ्फरनगर यूनिट की ओर से कई कंपनियों के खिलाफ फर्जीवाडा करते हुए सरकारी धन हड़प करने के मामले में मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।
नई मंडी कोतवाली में राज्य वस्तु एवं सेवाकर विभाग के एसआईबी के उपायुक्त मनोज कुमार शुक्ला ने शाकिर पुत्र मौ. नफीस निवासी कस्साबान बुढ़ाना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मनोज शुक्ला ने अपनी तहरीर में बताया कि आरोपी शाकिर ने गांव बझेडी में किरायानामा और व्यापार स्थल के बैनामे की प्रति के साथ जीएसटी नम्बर प्राप्त करने के लिए वेस्ट एण्ड स्क्रैप की खरीद एवं फरोख्त का कारोबार घोषित करते हुए आवेदन किया था। शाकिर को उनकी कंपनी इन्नोवेशन रिसाइकिलिंग कंपनी के नाम पर 28 फरवरी 2024 को जीएसटी पंजीकरण जारी कर दिया गया। इसके बाद शाकिर ने अपनी इस कंपनी के सहारे यूपी और इससे बाहर दूसरे प्रदेशों की कंपनियों के साथ कारोबार को दर्शाया और बिना माल की खरीद और फरोख्त किये ही शाकिर ने अपनी कंपनी इन्नोवेशन रिसाइकिलिंग के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए क्लेम्ड आईटीसी रुपये 21.27 लाख आईजीएसटी के रूप में और वित्तीय वर्ष 2024-25 में 662.60 लाख रुपये आईजीएसटी के रूप में अपनी बोगस आउटवर्ड सप्लाई के सापेक्ष समायोजित करा लिये। शाकिर ने दो वित्तीय वर्ष में जीएसटी विभाग को फर्जी कारोबार दर्शाकर सरकार को 683.87 लाख रुपये हड़प लिये। मनोज शुक्ला ने बताया कि कंपनी की गठित टीम द्वारा जांच की गई तो धरातल पर कोई भी व्यापारिक गतिविधियां नहीं पाई गई। केवल जीएसटी चोरी और राजस्व क्षति के लिए कंपनी के सहारे फर्जी खरीद बिलों पर बोगस आईटीसी अर्जित कर पैसा हड़पा गया है।
जीएसटी एसआईबी यूनिट के सहायक आयुक्त योगेन्द्र प्रसाद सिंह ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर शहर के मौहल्ला केवलपुरी निवासी सलीम पुत्र शफीक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। योगेन्द्र सिंह ने अपनी तहरीर में बताया कि सलीम ने प्लास्टिक स्क्रैप की खरीद और बिक्री का कारोबार प्रदर्षित करते हुए किरायानामा व बिजली का बिल सहित अन्य प्रपत्र के सहारे विभाग में जीएसटी पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। सलीम को उनकी कंपनी सनाईज एंटरप्राइजेज रुड़की रोड के नाम जीएसटी पंजीकरण 31 जनवरी 2024 को जारी कर दिया गया था। 27 अपै्रल को जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर कंपनी की व्यापारिक गतिविधियों की जांच की, लेकिन सभी कुछ फर्जी पाया गया। योगेन्द्र सिंह के अनुसार सलीम की कंपनी सनराईज एंटरप्राइजेज रुड़की रोड के द्वारा किसी भी माल की कोई वास्तविक खरीद नहीं पाई गई। खरीद के फर्जी बिलों के सहारे जीएसटी चोरी और आईटीसी क्लेम्ड कर राजस्व क्षति पहुंचाने का काम किया गया। इसमें सलीम ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में अपनी फर्जी कंपनी के यूपी और बाहरी प्रदेशों के विभिन्न जनपदों से कई कंपनियों के खरीद के फर्जी बिल लगाकर 222.68 लाख रुपये आईटीसी के रूप में समायोजित कराया गया। इसमें सलीम ने आईजीएसटी के रूप में 167.15 लाख, सीजीएसटी के रूप में 27.76 लाख और एसजीएसटी के रूप में 27.76 लाख रुपये का गोलमाल किया।
खालापार थाने में राज्य कर अधिकारी कविंद्र सिंह ने सदर तहसील के गांव वाजिदपुर खुर्द निवासी आशीष सैनी पुत्र मनीष सैनी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। बताया कि आरोपी ने 2024 में शिवा ट्रेडिंग कंपनी के लिए जीएसटी पंजीकरण लिया था। गोदाम एवं कंपनी का कार्यालय अजमतनगर, थाना खालापार में एक किराए के मकान पर दिखाया गया। पंजीकरण में नगर पालिका के टैक्स की रसीद, किरायानामा लगाया गया। आरोपी ने सिंह ट्रेडर्स, एजे मैन पावर सर्विस, मधु एंरप्राइजेज, कुमार सर्विस, सपना ट्रेडर्स, बालाजी एंटरप्राइजेज और पीके एंरप्राइजेज से खरीदारी दिखाई। इनमें एक भी फर्म की मौके पर व्यापारिक गतिविधियां नहीं मिली। अवैध रूप से वित्तीय वर्ष 2024-25 में क्लेम्ड आईटीसी के रूप में 6.79 करोड़ रुपये हड़प लिये गये। वहीं, नई मंडी थाने में एसआइबी के उपायुक्त मनोज कुमार शुक्ला ने रैदासपुरी निवासी सलमान पुत्र मोहम्मद दिलशाद के खिलाफ क्लीन इंडिया नाम से बोगस फर्म बनाकर आइटीसी हड़पने के लिए फर्जी कारोबार दिखाया गया। मौके पर माल नहीं मिला था, लेकिन ई-वेबिल बनाकर आईटीसी पासऑन किया गया। आरोपी ने लगभग 2.80 करोड़ रुपये हड़प लिये। इन सभी मामलों में एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसजीएसटी की एसआईबी यूनिट के उपायुक्त मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि सभी मामलों में विभाग की ओर से पुलिस को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं।

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