शहर से बाहर जायेगी 198 साल पुरानी कलेक्ट्रेट

मुजफ्फरनगर। अंग्रेजी जमाने की कलेक्ट्रेट अब फिर से अपने नये कलेवर में आने के लिए एक कदम आगे बढ़ी है। एक साल पहले मिले लैंड बैंक पर नई कलेक्ट्रेट के निर्माण के लिए जो कवायद ठण्डे बस्ते में चली गई थी, उसको डीएम उमेश मिश्रा की रूचि ने सर्द मौसम में भी नई गरमाहट प्रदान करने का काम किया है। डीएम ने गुरूवार को एडीएम प्रशासन के साथ मिलकर इस लैंड बैंक का स्थलीय निरीक्षण करते हुए वहां पर नई कलेक्ट्रेट की संभावनाओं को तलाशा और एडीएम प्रशासन ने इस सम्बंध में प्रस्ताव देने के लिए कहा है ताकि उसे शासन में भेजकर नई कलेक्ट्रेट के निर्माण के लिए कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा सके।

बता दें कि मुजफ्फरनगर को साल 1826 में ईस्ट इंडिया कंपनी शासन के द्वारा एक राजस्व जिला घोषित किया गया था। इसके साथ ही वर्तमान के कोर्ट रोड पर कलेक्ट्रेट की स्थापना करते हुए यहां पर अंग्रेजी हुकूमत का पहला कलेक्टर नियुक्त किया गया था, तभी से यहां पर कलेक्ट्रेट का वजूद बना हुआ है। करीब 198 साल का इतिहास यह कलेक्ट्रेट अपने आप में समेटे हुए हैं। पिछले दिनों इसी कलेक्ट्रेट में मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव तैयार कराया गया। नक्शा भी बना लिया गया, लेकिन बाद मे इसे यहां से स्थानांतरित कराने की कवायद की गई। इसी कड़ी में एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह ने सितम्ब्र 2023 में जिला मुख्यालय से होकर गुजर रहे हाईवे के आसपास की लैंड बैंक की तलाश की। इसमें छपार में दिल्ली देहरादून हाईवे पर उनको बड़ा लैंड बैंक मिला। करीब सात हैक्टेयर भूमि यहां पर प्रशासन को मिलने से नई कलेक्ट्रेट वजूद में आने की आस बंधी थी, लेकिन जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर कलेक्ट्रेट बनने की कवायद का विरोध शुरू हुआ तो यह मामला ठण्डे बस्ते में चला गया था। इसी बीच कलेक्ट्रेट में अंग्रेजी काल का डीएम दफ्तर ढह गया। अब फिर से नई कलेक्ट्रेट को शहर से बाहर छपार में ले जाने की कवायद को नई गरमाहट प्रदान की जाने लगी है।

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गुरूवार को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने इसको लेकर एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह के साथ छपार पहुंचकर यहां पर मिले सरकारी लैंड बैंक का स्थलीय निरीक्षण करते हुए कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण की आवश्यकताओं को लेकर चर्चा भी की। एडीएम प्रशासन ने बताया कि छपार क्षेत्र में मिले लैंड बैंक और उस भूमि पर अन्य योजनाओं के विकसित करने को लेकर डीएम ने निरीक्षण किया है। यहां पर करीब 7 हेक्टेयर सरकारी भूमि मिली है। इस भूमि पर नई कलेक्ट्रेट बनाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। साथ ही यहां जीएसटी कार्यालय का निर्माण कराये जाने का विचार भी है। बताया कि पूर्व में तत्कालीन एसडीएम सदर से रिपोर्ट तैयार कराई गई थी। यहां पर कलेक्ट्रेट विकसित करने के लिए र्प्याप्त लैंड बैंक मिला है। छपार में अच्छी लोकेशन पर भूमि मिली है। बताया कि डीएम ने अभी फिलहाल इसके लिए प्रस्ताव देने को कहा है, जिस पर कार्य शुरू कर दिया गया है।

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