गुरू चन्द्रमोहन के जन्म दिवस पर सवा लाख वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ

मुजफ्फरनगर। श्री परमधाम न्यास के संस्थापक और हिन्द मजदूर किसान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरू चन्द्रमोहन के जन्मदिवस को वृक्षारोपण दिवस के रूप में जीआईसी मैदान में बड़े ही हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बुधवार को हिन्द मजदूर किसान समिति के महिला मोर्चा अध्यक्ष पंकज ने पौधारोपण कर सवा लाख वृक्षारोपण अभियान का शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर समिति के प्रवक्ता अमित सिंह ने कहा कि पिछले लगभग 20-25 वर्षों से हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरू चन्द्रमोहन के जन्मदिवस को हम वृक्षारोपण दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं। वृक्षारोपण दिवस का अर्थ है वृक्षों का रोपण करना और उन्हें पालना। इसी दिन से प्रतिवर्ष सवा लाख वृक्षारोपण अभियान का शुभारम्भ किया जाता है। क्रांतिगुरु श्री चन्द्रमोहन जी ने हमें ये सि(ान्त दिया है कि वृक्ष हमें जीवन देते हैं और प्रकृति का संरक्षण करते हैं अतः हमें इनके प्रति जागरूक रहना चाहिए। हमें ये मानना होगा की जब तक हम वृक्षों को पालो अपने बच्चों की तरह, अपने बच्चों के लिए, इस सूत्र को नहीं अपनाएंगे प्रकृति के प्रति जागरूक नहीं हो सकते। वृक्षों के महत्व की चर्चा करते हुये श्रीमति पंकज ने आगे बताया कि गुरू चन्द्रमोहन का मानना है कि यदि हम वास्तव में प्रकृति के प्रति जागरूक हैं तो हमें इन तीन सि(ान्तों वृक्षों का सत्कार, नदियों का श्रृंगार, प्रदूषण का बहिष्कार-तब ही वास्तव में होगा प्रकृति को नमस्कार को अपनाना पड़ेगा। इस वर्ष पड़ी भयंकर गर्मी ने प्रकृति के प्रति गैर जागरूकता और वृक्षों की कमी का हमें एहसास कराया। यदि हम अब भी प्रकृति के प्रति जागरूक नहीं हुए तो आगे इससे भी भयंकर परिणाम भुगतने होंगें और प्रकृति के महाकाली रौद्र रूप का दर्शन जल्द ही होगा।

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हम कोविड काल में प्रकृति के उस महाकाली रौद्र रूप को एक बार देख चुके हैं लेकिन प्रकृति के प्रति अब भी लापरवाह हैं यदि हम चाहते हैं की हम निरोगी रहें और कोरोना जैसी महामारी का सामना दोबारा ना करने पड़े तो प्रकृति के प्रति जागरूक होना ही होगा और संसार के प्रत्येक मनुष्य को अधिक से अधिक मात्रा में वृक्षों का रोपण करना होगा, उन्हें पालना होगा। यदि हमने ऐसा नहीं किया तो वो दिन दूर नहीं जब कोरोना से भी अधिक भयावह महामारी का जल्द ही सामना करना होगा। इस अवसर पर गुरू चन्द्रमोहन ने एक उद्घोष दिया, धरती को वृक्ष दो, पूरे गुरु का साथ दो। जाति को त्याग दो, शहीदों को सम्मान दो। इस अवसर पर संगीता, अलका, सुषमा, सीमा, नेहा, रीता इत्यादि का सहयोग रहा।

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