MUZAFFARNAGAR-एमडीए ने खतौली में तोड़ दिया मंदिर, पनपा आक्रोश

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ;एमडीएद्ध के द्वारा मंगलवार के दिन खतौली में पूरे दलबल के साथ चार अवैध कालोनियों पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही करते हुए वहां पर हो रहे निर्माण को बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त कराया गया था। इसमें करीब 40 बीघा भूमि पर विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों पर कार्यवाही की गई थी। अब यह बात सामने आई है कि एमडीए के अफसरों ने वहां पर बने रहे मंदिर को भी ध्वस्त करा दिया। इसको लेकर हिंदूवादी संगठनों में एमडीए के प्रति आक्रोश उत्पन्न हो रहा है और आज बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम खतौली से मिलकर शिकायत करते हुए कार्यवाही की मांग की है, जबकि एमडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि हमने अवैध निर्माण तोड़ा है और मंदिर तोड़ने की कोई शिकायत उनको नहीं मिली है।

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बजरंग दल खतौली के नगर संयोजक चन्द्रपाल राजपूत के नेतृत्व में बुधवार को हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता और अन्य लोगों ने एसडीएम मोनालिसा जौहरी से मुलाकात करते हुए आरोप लगाया कि निर्माणधीन मन्दिर पर एमडीएम के अधिकारियों ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त करते हुए हिंदू समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। ज्ञापन में एसडीएम को की गई शिकायत में बताया गया कि 07 जनवरी 2025 को दोपहर 12.30 बजे एम.डी.ए. विभाग के द्वारा खतौली की अवैध कालोनी पर बुलडोजर से ध्वस्त करने की कार्यवाही कराई जा रही थी। उसी दौरान सफेदा रोड पुल के निकट कालोनी में निर्माणधीन श्री बाबा मोहनराम मंदिर को बिना किसी सूचना व बिना किसी को संपर्क किये मंदिर की चारों ओर से नींव की दीवार ध्वस्त कर दी गई है, जिसके बारे में जे.ई. हितेश गुप्ता व भरत पाल को लोगों के द्वारा मौके पर ही यह सूचित कर दिया गया था कि यह मंदिर की भूमि है, इसके बावजूद जानबूझकर अधिकारियों के द्वारा इस कार्यवाही को अंजाम दिया गया है।

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बजरंग दल नेताओं ने आरोप लगाया कि एमडीए के अधिकारियों ने खतौली के क्षेत्र में माहौल खराब करने का काम किया है। बजरंग दल ने ज्ञापन के माध्यम से मांग करते हुए कहा है कि एम. डी. ए. प्रशासन को 10 जनवरी शाम 4 बजे तक मन्दिर की दीवारों का पुनः निर्माण कराये, अन्यथा आंदोलन किया जायेगा। इसके साथ ही उन्होंने एमडीए जे.ई. को तुरन्त बर्खास्त करने, मन्दिर के हुए सारे हर्जाने का खर्च देने की मांग भी की है। शिकायत करने वालों में चन्द्रपाल राजपूत के अलावा रवि, अनुज, कपिल, जतिन, नितिन, रजत, मयंक आदि शामिल रहे। एसडीएम मोनालिसा ने बताया कि शिकायत के मामले में जांच कराई जा रही है। वहीं एमडीए उपाध्यक्ष कविता मीणा का कहना है कि एमडीए ने अवैध कालोनियों में हो रहे निर्माण को ध्वस्त कराया है। ध्वस्त कराया गया निर्माण भी अवैध था। किसी मंदिर को तोड़ने की जानकारी उनको नहीं है, न ही इस सम्बंध में उनको किसी की शिकायत मिली है। 

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