हिस्ट्रीशीटर जाॅनी के घर फटा मोबाइल, जलकर मर गये चार बच्चे, पत्नी गंभीर

मुजफ्फरनगर। मेरठ में रह रहे जनपद के एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश का परिवार हादसे का शिकार हो गया। उसके किराये के कमरे में चार्जिंग पर लगा मोबाइल फोन फट गया। इसके बाद आग लग गई, जिसमें जलने के कारण चार बच्चों ने दम तोड़ दिया तो वहीं उसकी पत्नी गंभीर रूप से झुलसने के कारण नाजुक हालत में दिल्ली रैफर कर दी गई। इस हादसे की जानकारी मिलने पर हिस्ट्रीशीटर के परिवार में मातम छाया हुआ है, तो वहीं गांव में शोक का वातावरण है।

जनपद के गांव सिखेड़ा निवासी महेन्द्र कुमार सिंह अनुसूचित जाति से हैं। वो खेतिहर मजदूर के रूप में जीवन यापन करते रहे। उनके तीन पुत्र हैं। इनमें एक बेटा 40 वर्षीय जाॅनी कुमार मजदूरी करता है। वर्तमान में जाॅनी अपनी पत्नी बबीता ;37द्ध व चार बच्चों सारिका ;10द्ध, निहारिका ;8द्ध, गोलू ;6द्ध और कल्लू ;5द्ध के साथ जनपद मेरठ के मोदीपुरम की जनता कालोनी में एक मकान में किराए पर रहता है। बताया गया कि शनिवार की शाम जाॅन के जनता कालोनी स्थित किराए के मकान में हादसा हो गया। उसके घर में शार्ट सर्किट से मोबाइल फोन की बेट्री फट गई और उसमें धमाका हो गया इसके साथ ही कमरे में पर्दों और बिस्तर के गद्दों में आग लग गई। इस आग की चपेट में आये कमरे में मौजूद चारों बच्चे बुरी तरह झुलस गए। जिस समय हादसा हुआ उस दौरान जाॅनी और उसकी पत्नी बबीता रसोई में थे। धमाके की आवाज सुनकर वो तेजी से कमरे की तरफ दौड़े तो आग की लपटों में बच्चों को घिरा देखकर चीख पुकार शुरू कर दी। बच्चों को बचाने पहुंचे दंपती भी झुलस गए। लोगों ने पुलिस को सूचना दी और आग पर काबू पाया। पुलिस ने सभी को पहले निजी अस्पताल और बाद में मेडिकल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान चारों बच्चों की मौत हो गइ। दंपती की हालत गंभीर बनी हुई है। बच्चों की मां को गंभीर हालत में दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पिता जाॅनी मेडिकल में भर्ती है।

मोदीपुरम थाना प्रभारी मन्नेश कुमार ने बताया कि जाॅनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार शनिवार शाम बच्चे कमरे में खेल रहे थे। कमरे में बेड पर तार बिखरे हुए थे और बच्चे मोबाइल का चार्जर बिजली के बोर्ड में लगा रहे थे। चार्जर लगाने के दौरान शार्ट सर्किट हो गया। तारों में आग लगने से मोबाइल में धमाका हुआ और बेड में आग लग गई। वहीं, आग से घिरे बच्चों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। धमाके व बच्चों का शोर सुनकर जानी व बबीता रसोई से कमरे की ओर दौड़े। बच्चों को आग से झुलसी हालत में बाहर निकाला। जानी के घर से चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी पहुंच गए। देर रात उपचार के दौरान सारिका और कल्लू ने भी दम तोड़ दिया। पिता जानी का मेडिकल में उपचार चल रहा है, जबकि मां बबीता को गंभीर हालत में दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी भी हालत नाजुक बनी हुई है। परिजन पहले पोस्टमार्टम के लिए मना कर रहे थे, लेकिन अब चारों बच्चों की मौत होने के बाद पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। हादसे के बाद सिखेडा से भी परिजन और रिश्तेदार मेरठ पहुंच गये थे।

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अभागी ही रही बबीता, पहले पति और अब बच्चों की मौत

मुजफ्फरनगर। जाॅनी के साथ मेरठ में किराए के मकान में अपने परिवार को पाल रही बबीता अभागी ही रही। बबीता के जीवन में दुखों का दौर पति की मौत से शुरू हुआ। इसके बाद समाज और परिवार ने उसकी शादी जाॅनी से कराई तो अब चार बच्चों की मौत का गम उसको उठाना पड़ रहा है। उसकी जिन्दगी भी मौत से जंग लड़ रही है।

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सिखेडा के प्रधानपति अनूप अहलावत के अनुसार जाॅनी के घर हुए हादसे की जानकारी देर रात गांव में मिल गई थी। वो और अन्य ग्रामीण जाॅनी के पिता महेन्द्र के घर जाकर मिले थे। महेन्द्र खुद बीमार है और शरीर पर फालिश है। जाॅनी की पत्नी के रूप में रह रही बबीता की शादी पहले उसके चचेर भाई मिन्टू पुत्र निरभ सिंह के साथ हुई थी। मिन्टू से उसको तीन बच्चे सारिका, निहारिका और गोलू थे। मिन्टू की कुछ साल पूर्व हादसे में मौत हो गई, तो बबीता को परिवार में ही रखने का निर्णय हुआ और उसकी शादी परिजनों की सहमति के बाद जाॅनी के साथ करा दी गई। जाॅनी से शादी के बाद बबीता ने करीब पांच वर्ष पूर्व एक और पुत्र कल्लू को जन्म दिया। वो अपने चार बच्चों और परिवार के साथ जीवन निर्वहन कर रही थी कि शनिवार को यह हादसा हो गया और चारों बच्चों की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार बबीता की नाजुक हालत के कारण उसको अभी बच्चों की मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

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लुटेरा, गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीटर जाॅनी गांव में नेताजी के नाम से है मशहूर

मुजफ्फरनगर। सिखेडा गांव का जाॅनी जिले के शातिर अपरधियों में शुमार है। लूट और अन्य संगीन जुर्म में शामिल रहने के कारण उसकी सिखेडा थाने में हिस्ट्रीशीट खुली और उसकी पुलिस लगातार निगरानी तो करती रही, लेकिन शनिवार उसके परिवार के साथ हुए हादसे की खबर पुलिस को नहीं लग सकी। सिखेडा थाना प्रभारी अविनाश गौतम ने बताया कि गांव सिखेडा निवासी जाॅनी पुत्र महेन्द्र सिंह अनुसूचित जाति वर्ग से है। उसके खिलाफ साल 2013 में लूट के तीन मुकदमे दर्ज किये गये। इसके साथ ही गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया। वर्तमान में उसके खिलाफ थाने में पांच मुकदमे दर्ज हैं। साल 2018 में एसएसपी के आदेश पर सिखेडा में उसके खिलाफ हिस्ट्रीशीटर खोली गई। जाॅनी थाना सिखेडा की हिस्ट्रीशीट 9ए का अपराधी है। पुलिस के अनुसार जाॅनी गांव में नेताजी के नाम से मशहूर है और कोई काम धंधा नहीं करता था। वो कई आपराधिक वारदातों में शामिल रहा। उन्होंने बताया कि उसके व परिवार के साथ मेरठ में हुए हादसे की खबर नहीं है। 

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