MUZAFFARNAGAR-बेशकीमती जमीनों के लिए तीन बुजुर्गों का कत्ल

मुजफ्फरनगर। करीब 50 करोड़ रुपये की भूमि की फर्जी वसीयत कराकर अवैध रूप से कब्जा करने की साजिश के आरोप लगाते हुए भू स्वामी अशोक सैनी की बेटियों ने एक बार फिर से भू माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन बेटियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भू माफियाओं के खिलाफ एसआईटी गठित करते हुए जांच कराये जाने की मांग की है।

नई मंडी थाना क्षेत्र के अलमासपुर निवासी माया देवी पत्नी स्व. अशोक कुमार ने अपनी तीन बेटियों सीमा, पुष्पा और संगीता तथा पुत्र पुलकित सागर के साथ गुरूवार को शहर के एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता करते हुए अपनी भूमि पर भू माफियाओं के द्वारा साजिशन कब्जा करने के आरोप लगाये हैं। इस परिवार ने अपने आरोपों में कहा कि जनपद मुजफ्फरनगर में 8 साल से भूमाफियाओं का एक गिरोह सक्रिय है। इस गिरोह का सरगना गांव घोलरा निवासी बाबूराम कश्यप है। 10-15 लोगों का यह संगठित गिरोह पहले उन लोगों को चिन्हित करता है जिनके परिवार में लोग बाहर होते हैं जो अकूत संपत्ति के मालिक होते हैं और वृ( होते हैं। यह गिरोह अब तक शहर के तीन अलग-अलग वृ(ों की हत्या कर चुका है और उनकी जमीन की फर्जी वसीयत तैयार कराकर संपत्ति को हड़प चुके हैं।

इसे भी पढ़ें:  योगी मंत्रिमंडल को लेकर बड़ी खबर, ओपी राजभर और आरएलडी के कोटे से एक मंत्री बनाए जाने की अटकलें

तहसील कर्मियों और पुलिस अधिकारियों का इस गिरोह को निरंतर संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि इन मामलों की जांच एसआईटी करेगी तो फर्जी वसीयत जिसमें रजिस्ट्रार कार्यालय के लिपिक शामिल हैं उनकी भूमिका, तहसील कर्मियों का घालमेल, हत्याओं को खोलने में पुलिस की संदिग्ध भूमिका सामने आ जाएगी। सीमा देवी और संगीता सागर ने मीडिया के समक्ष बताया कि हमारे पिता अशोक सैनी जो 75 साल के बुजुर्ग थे उनकी 4 अप्रैल 2023 को हमारे बाग में ही हत्या कर दी गई। हत्या से दो माह पहले मेरे पिता ने एसएसपी को पत्र लिखकर फर्जी वसीयत कराए जाने का खुलासा किया था और अपनी हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस की ओर से ना तो कोई सुरक्षा दी गई और न ही कोई सुध ली गई हत्या के बाद हमारे पिता के नाम से एक फर्जी वसीयत दिखाई गई है। इस वसीयत में अजय सैनी निवासी रामपुरी और पुलकित सागर को आधी आधी संपत्ति का मालिक दिखाया गया है। पुलकित सागर हमारा भाई और पिता अशोक का बेटा है। वसीयत को सही साबित करने के लिए पुलकित सागर का नाम दर्शाया गया है। अजय सैनी का हमारे परिवार से कोई संबंध नहीं है। परिवार में अशोक सैनी की पत्न,ी तीन बेटी और एक बेटा है। बाबूराम कश्यप ने अजय सैनी, विनोद मलिक पुत्र बेगराज सिंह, वसीयत के गवाह नई मंडी थाने के हिस्ट्रीशीटर विशाल कश्यप, संजय शर्मा आदि से मिलकर हत्या और फर्जी वसीयत का षड्यंत्र रचा। लेखपाल से लेकर तहसीलदार तक सभी तहसील कर्मी इन भू माफिया को संरक्षण दे रहे हैं।

इसे भी पढ़ें:  सांसद हरेन्द्र मलिक चाहते हैं, पालिका में बनें समितियां

हमारे पिता की हत्या में पुलिस ने भारी साज खाकर मुख्य हत्यारोपियों को छोड़ दिया है। हम न्याय मांगने जाते हैं तो अधिकारी हमें धमकाते हैं। जिस जमीन की फर्जी वसीयत कराई, उसकी वर्तमान बाजारी कीमत करीब 50 करोड़ बताई गई है। इससे पहले भी शहर में दो वृ(ो की हत्या और फर्जी वसीयत हो चुकी है। इनमें नई मंडी 48 ए निवासी राजेंद्र पुत्र बहादुर की वसीयत रमेश पुत्र परमाल सिंह एवं निखिल मोहन शर्मा के नाम फर्जी तरीके से की गई और इसके सहारे 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया। राजेंद्र की मौत से पहले बाबूराम कश्यप एक साल तक इस मकान में एक कमरा किराए पर लेकर रहा और इसी दौरान सारी साजिश रची गई। इसी तरह नई मंडी व भोपा रोड पर जयप्रकाश सिंगल नामक व्यक्ति की संपत्ति की फर्जी वसीयत भूषण निवासी कुकड़ा एवं रोहित सिंघल के नाम से बनाई गई भू माफिया ने चर्चित अपराधी के सहयोग से 100 करोड़ से अधिक की इस संपत्ति को खुर्द बुर्द किया। इस परिवार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हम लोगों को पूरा विश्वास है कि वो हमें न्याय दिलाएंगे। उन्होंने सीएम से मांग की है कि इन हत्याओं और फर्जी वसीयत की जांच के लिए एस आई टी का गठन कर गिरोह का खुलासा कराएं।

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर में अपराधी के घर पुलिसकर्मियों की पिटाई
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *