पीएनबी में बनी मैनेजर तो महिला ने बैंक को लगा दिया 40 लाख का चूना

मुजफ्फरनगर। शेरनगर क्षेत्र में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में तैनात रही एक महिला प्रबंधक द्वारा की गई बड़ी धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ है। आरोपी महिला बैंक अधिकारी ने अपनी पोस्ट का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेजों के सहारे 40 लाख रुपये का होम लोन पास करवा लिया। मामले की भनक लगते ही बैंक प्रबंधन ने जांच कराई और दोष साबित होने पर उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया था और अब थाने में धोखाधड़ी एवं विश्वासघात के आरोपों के अन्तर्गत रकम ठगने पर एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी महिला के खिलाफ कार्यवाही प्रारम्भ कर दी है।

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पंजाब नैशनल बैंक की शाखा शेरनगर में प्रबंधक के पद पर कार्यरत शिवांश वर्मा पुत्र शिवकुमार वर्मा ने नई मंडी कोतवाली में बैंक के साथ की गई आर्थिक धोखाधड़ी के मामले को लेकर मुकदमा दर्ज कराया है। शिवांश वर्मा ने थाने में दी तहरीर में बताया कि अमृता सिंह पत्नी लोकेन्द्र सिंह निवासी ग्राम रामपुर जिला कानपुर नगर पीएनबी शाखा शेरनगर में 17 जुलाई 2021 से 02 मई 2023 तक शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत रहीं। वो वर्तमान में गोकुल सिटी में परिवार सहित निवास कर रही हैं। इस अवधि के दौरान अमृता सिंह ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए मुजफ्फरनगर में ही विकसित हो रही कालोनी ड्रीम सिटी में एक प्लाट की खरीद और उस पर मकान बनाने के लिए अपनी ही शाखा से होम लोन के लिए आवेदन किया और इसके लिए 40 लाख रुपये का होम लोन बैंक से अपने खाते में प्राप्त कर लिया था। इसके बाद अमृता सिंह ने प्लाट खरीदा लेकिन आज तक भी उस पर मकान बनाने के लिए कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया।

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आरोप है कि अमृता सिंह के द्वारा होम लोन के लिए नियमों के अनुसार सम्पत्ति बंधक रखने के लिए जरूरी दस्तावेज की भी पूर्ति नहीं की गई और शाखा प्रबंधक के रूप में अपने पद का नाजायज लाभ उठाते हुए पूरी राशि अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। बैंक द्वारा कहने के बावजूद भी प्लाट पर निर्माण कार्य नहीं कराया गया, इसमें जांच होने पर धोखाधड़ी साबित होने पर बैंक द्वारा अमृता सिंह को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद अब बैंक ने मुकदमा दर्ज कराया है। एसएचओ दिनेश बघेल ने बताया कि एसीजेएम कोर्ट नम्बर एक के द्वारा पारित आदेश के अनुसार सम्बंधित प्रकरण में महिला बैंक अधिकारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 एवं 406 के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई है। 

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