बीमार पिता को दवाई दिलाने के लिए जा रहे दो बेटों की बाइक को नीलगाय ने मारी टक्कर, एक-एक कर तीनों ने तोड़ा दम, शहर के मल्हुपूरा में किराये के मकान में रह रहा परिवार, तीन बच्चे हुए अनाथ
मुजफ्फरनगर। एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं। बीमार बुजुर्ग पिता को स्कूटी पर बैठाकर दवाई दिलाने जा रहे दो भाईयों पर अचानक नीलगाय मौत बनकर झपट पड़ी। उनकी स्कूटी नीलगाय की भीषण टक्कर की चपेट में आ गई। हादसे में घायल पिता और उसके दोनों बेटों ने एक-एक कर दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद शहर के मल्हुपूरा क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहे इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार में अब कोई कमाने वाला नहीं बचा है, जबकि तीन मासूम बच्चों के सिर से अपनों का साया उठ गया है। हादसे ने तीन बच्चों को अनाथ कर दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। सपा सांसद हरेन्द्र मलिक ने पीड़ित परिवार के घर जाकर ढांढस बंधाया। लोगों ने परिवार के दुख को देखते हुए सरकार से आर्थिक मदद की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, 29 अगस्त की सुबह मल्हुपुरा निवासी 80 वर्षीय अशफाक अपने दोनों बेटों 38 वर्षीय मोहम्मद नाहिद और करीब 35 वर्षीय मोहम्मद साजिद के साथ स्कूटी से चरथावल दवाई लेने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही तीनों दधेडू गांव को पार कर रजवाहे की पुलिया के पास पहुंचे, तभी जंगल की ओर से अचानक नीलगाय सड़क पर आ गई। अचानक सामने आई नीलगाय से स्कूटी की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही चरथावल पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों घायलों को उपचार के लिए सीएचसी पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए मोहम्मद साजिद को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेरठ के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद 30 अगस्त को उपचार के दौरान साजिद की मौत हो गई। परिवार अभी एक बेटे की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि 1 सितंबर को दूसरे बेटे मोहम्मद नाहिद ने भी मुजफ्फरनगर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। नाहिद की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
इसके बाद हादसे में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग अशफाक भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे। उन्हें रुड़की रोड स्थित डिवाइन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां करीब पांच दिनों तक उनका उपचार चला। आखिरकार 2 सितंबर की रात अशफाक ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह महज पांच दिनों के भीतर एक ही परिवार के पिता और उनके दोनों बेटों की मौत हो गई। तीनों पुरुष की मौत के बाद इस परिवार में कोई भी कमाने वाला नहीं बचा।

एक ही परिवार में पिता और दो बेटों की मौत की जानकारी मिलने के बाद मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र से सपा सांसद हरेंद्र मलिक भी पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उनका दुख साझा किया और इस कठिन समय में परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। सांसद ने कहा कि प्रशासन के स्तर से पीड़ित परिवार को जो भी सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है, उसे दिलाने का प्रयास किया जाएगा। नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर के वार्ड नंबर-7 के सभासद मोहम्मद खालिद ने बताया कि परिवार बेहद गरीब है और लंबे समय से किराए के मकान में रहकर अपना गुजर-बसर कर रहा था। उन्होंने बताया कि बीमार पिता को दवाई दिलाने निकले दोनों बेटों और पिता की हादसे के बाद एक-एक कर मौत हो गई। सभासद खालिद ने जिलाधिकारी, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों से पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।
डेढ़ साल की बच्ची समेत तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
इस परिवार में मोहम्मद नाहिद की मौत के बाद उनके तीन छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। इनमें सबसे छोटी बेटी की उम्र महज डेढ़ वर्ष बताई जा रही है। परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी के बीच किराए के मकान में रह रहा था। अब परिवार के कमाने वाले सदस्यों की मौत के बाद बच्चों की परवरिश और भविष्य को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
