फर्जीवाडा कर नौकरी पाने वाले कांस्टेबल कपिल कुमार के विरुद्ध जांच शुरू

भर्ती अभिलेखों और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की मांग, शिकायतकर्ता को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया

मुजफ्फरनगर। आजाद अधिकार सेना की शिकायत के बाद मुजफ्फरनगर में तैनात कांस्टेबल कपिल कुमार के विरुद्ध प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेन्द्र सिंह राणा ने बताया कि यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा के आदेश पर हुई है।

देवेन्द्र सिंह राणा के अनुसार, हापुड़ जनपद के थाना बहादुरगढ़ क्षेत्र के ग्राम लुहारी निवासी अशोक कुमार ने कांस्टेबल के संबंध में शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके भतीजे अंकित कुमार ने बाद में अपना नाम कपिल कुमार कर लिया तथा वर्ष 2016 की उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती में नाम, जन्मतिथि एवं शैक्षिक अभिलेखों से संबंधित कथित अनियमितताओं के आधार पर यूपी पुलिस में चयन प्राप्त किया।

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शिकायतकर्ता की ओर से जांच के लिए कक्षा आठ, हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के अभिलेखों में दर्ज नाम और जन्मतिथि से संबंधित कथित अंतर के दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त दो मतदाता पहचान पत्र, परिवार रजिस्टर, आधार कार्ड, शपथ पत्र सहित अन्य दस्तावेज भी जांच के लिए प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है। शिकायत में भूमि विवाद के दौरान पुलिस पद के कथित दुरुपयोग का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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मामले के जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ता को अपने परिवारजनों सहित कार्यालय में उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों एवं अन्य अभिलेखों का परीक्षण किया जाएगा। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेन्द्र सिंह राणा ने प्रारंभिक जांच शुरू होने को सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने मांग की कि पुलिस भर्ती आवेदन, सेवा अभिलेख, शैक्षिक प्रमाणपत्र और जन्मतिथि सहित सभी संबंधित दस्तावेजों का निष्पक्ष एवं गहन सत्यापन कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार आपराधिक एवं विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए।

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