स्टॉक, बारकोड, क्यूआर कोड और पीओएस बिक्री व्यवस्था की जांच, ओवररेटिंग न करने के दिए निर्देश
मुजफ्फरनगर। जनपद में शराब की बिक्री व्यवस्था को पारदर्शी और नियमसम्मत बनाए रखने के उद्देश्य से आबकारी विभाग ने खतौली क्षेत्र की विभिन्न शराब दुकानों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान दुकानों पर उपलब्ध शराब के स्टॉक, बारकोड, क्यूआर कोड, पीओएस मशीन से बिक्री, सीसीटीवी संचालन और उपभोक्ताओं की शिकायतों की विस्तार से जांच की गई। जांच में सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं तथा कहीं भी अनियमितता या ओवररेटिंग की शिकायत नहीं मिली।
अपर मुख्य सचिव एवं आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिला आबकारी अधिकारी रवि शंकर ने आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 सदर और क्षेत्र-2 खतौली की टीम के साथ संयुक्त रूप से खतौली क्षेत्र में संचालित देशी शराब दुकान बुढ़ाना मोड़, खतौली नंबर-1 घंटाघर, कम्पोजिट शॉप बुढ़ाना मोड़, हौली चौक के निकट स्थित दुकान तथा गंगनहर स्थित मॉडल शॉप का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान दुकानों में उपलब्ध शराब के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया। सभी पेटियों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप बारकोड लगे पाए गए। वहीं विभिन्न ब्रांडों की बोतलों, अद्धों, पव्वों और कैनों पर लगे क्यूआर कोड को विभागीय एप के माध्यम से रैंडम आधार पर स्कैन कर जांचा गया। जांच में समस्त मदिरा वैध और सही पाई गई। किसी भी दुकान पर खुली बोतल, पव्वा अथवा कैन नहीं मिला। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद शराब उपभोक्ताओं से भी शराब की गुणवत्ता और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें दुकानों से किसी प्रकार की शिकायत नहीं है और निर्धारित दरों पर ही शराब उपलब्ध कराई जा रही है।
निरीक्षण के दौरान पीओएस मशीन के माध्यम से की गई बिक्री का स्टॉक रजिस्टर से मिलान किया गया। साथ ही दुकानों के लाइसेंस, अभिलेख, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, रेट लिस्ट का प्रदर्शन, निर्धारित प्रारूप में साइन बोर्ड, टोल-फ्री नंबर की उपलब्धता तथा पीओएस मशीन से शत-प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करने संबंधी व्यवस्थाओं की भी जांच की गई। जिला आबकारी अधिकारी रवि शंकर ने दुकानों पर कार्यरत विक्रेताओं को निर्देशित किया कि शराब की प्राप्ति और बिक्री पूरी तरह पीओएस मशीन के माध्यम से ही की जाए। साथ ही किसी भी परिस्थिति में ओवररेटिंग न होने पाए तथा उपभोक्ताओं को सभी ब्रांडों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।






