मुजफ्फरनगर-मदरसों-मस्जिदों में तब्लीगी जमात से पुलिसिया पूछताछ पर आक्रोश

एआईएमआईएम ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन, अनावश्यक दबाव डालने की नीति का किया विरोध

मुजफ्फरनगर। दिल्ली ब्लास्ट की घटना के बाद से ही उत्तर प्रदेश में अलर्ट के साथ साथ जनपद मुजफ्फरनगर में भी पुलिस और प्रशासन बेहद सतर्क होकर निगरानी बढ़ा रहा है। जहां एक ओर जनपद में किरायेदार और नौकर सत्यापन अभियान चल रहा है तो वहीं जनपद में मदरसों और मस्जिदों में ठहरे तब्लीगी जमात के लोग भी पुलिसिया पूछताछ अभियान के लिए निशाने पर हैं। जिले में तब्लीगी जमात और मदरसों से जुड़े लोगों के खिलाफ प्रशासन द्वारा अनावश्यक पूछताछ और दबाव डाले जाने के आरोप एआईएमआईएम ने लगाए हैं। पार्टी के जिला अध्यक्ष मौलाना इमरान कासमी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया गया और एआईएमआईएम प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
एआईएमआईएम द्वारा दिए गये ज्ञापन में कहा गया कि मदरसे और जमात केवल धार्मिक और नैतिक शिक्षा देने, सामाजिक सद्भाव बढ़ाने और मानवता की सेवा करने के उद्देश्य से काम करते हैं। बिना ठोस आधार के की जा रही कार्रवाइयों को धार्मिक स्वतंत्रता पर आघात बताया गया और चेतावनी दी गई कि इससे समाज में भय और अविश्वास फैल रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहला, जमात और मदरसों के संचालकों, जिम्मेदार व्यक्तियों और छात्रों के प्रति किसी भी तरह की अनावश्यक पूछताछ, उत्पीड़न या दबाव तुरंत रोका जाए। दूसरा, यदि प्रशासनिक जांच आवश्यक हो तो वह विधिसम्मत, सम्मानजनक, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से की जाए। तीसरा, जिले में भय और अविश्वास को समाप्त करने के लिए प्रशासन स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे ताकि समुदाय में विश्वास पुनः स्थापित हो सके।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार देता है और किसी भी समुदाय को विशेष रूप से निशाना बनाना अनुचित और समाज विरोधी है। एआईएमआईएम के पश्चिम प्रदेश महासचिव इंतज़ार अंसारी ने मीडिया से कहा कि जमात की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए पुलिस की खूफिया टीम को कम से कम चालीस दिन तक जमात में भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाहर से देखकर आरोप लगाना आसान है, लेकिन हकीकत समझने के लिए अनुभव जरूरी है। आक्रोश जताते हुए कहा गया कि यदि यह पूछताछ का दबाव नहीं रोका गया तो पार्टी आंदोलन करेगी। जिला अध्यक्ष मौलाना इमरान कासमी महासचिव इंतजार अंसारी विधानसभा अध्यक्ष मीरापुर फरमान भाई शफकत सोनू हाफिज अशरफ पुरकाजी की पूरी टीम एडवोकेट राव साहब और समस्त कार्यकर्ता पदाधिकारी मौजूद रहे।

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