उपचार में लापरवाही का आरोप लगाकर जताई नाराजगी, पुलिस की मौजूदगी में चिकित्सक और परिजनों के बीच हुआ समझौता
मुजफ्फरनगर। मेरठ रोड स्थित संतोष हॉस्पिटल में उपचार के दौरान एक मरीज की मौत हो जाने पर परिजनों ने हंगामा किया। मरीज की मौत से नाराज परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी अस्पताल पहुंच गए। हंगामे की सूचना पर खालापार थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। बाद में चिकित्सक और परिजनों के बीच बातचीत के बाद आपसी सहमति से मामला शांत हो गया।
जानकारी के अनुसार, जडौदा गांव निवासी एक व्यक्ति की तबीयत गंभीर होने पर परिजन रविवार रात करीब 12 बजे उसे संतोष हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में उपचार के दौरान मरीज की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई और हंगामा शुरू कर दिया। इस संबंध में संतोष हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. आदित्य कुमार ने मीडिया को दी जानकारी में बताया कि मरीज को अत्यंत गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। परिजनों को उसकी स्थिति से अवगत कराने के बाद उनकी सहमति से उपचार शुरू किया गया। अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अभिषेक गुप्ता और सर्जन डॉ. शांतनु गौड़ ने भी मरीज का परीक्षण किया था। मरीज को आंतों का बुखार होने की जानकारी देते हुए आगे की जांच के लिए सीटी स्कैन कराने की सलाह दी गई थी।
डॉ. आदित्य कुमार के अनुसार, मरीज को सीटी स्कैन के लिए ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसे अचानक कार्डियक अरेस्ट हुआ और उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मरीज की गंभीर स्थिति के बारे में परिजनों को पहले ही जानकारी दे दी गई थी। घटना के बाद परिजनों ने नाराजगी जताई, लेकिन पूरी स्थिति समझाने और बातचीत के बाद मामला शांत हो गया। चिकित्सक ने कहा कि डॉक्टर मरीज की जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करते हैं, लेकिन हर परिस्थिति उनके नियंत्रण में नहीं होती। चिकित्सक भी इंसान हैं और गंभीर परिस्थितियों में उपचार के दौरान ऐसे दुखद घटनाक्रम हो सकते हैं।
