सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद डीएम उमेश मिश्रा ने लिया संज्ञान, आरोपी बीडीओ परशुराम मुख्यालय से अटैच, दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित
मुजफ्फरनगर। शाहपुर विकासखंड के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) परशुराम का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। वायरल वीडियो में मनरेगा के कार्यों के संबंध में कमीशन मांगने और रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए हैं। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बीडीओ परशुराम को शाहपुर ब्लॉक से हटाकर जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया है। प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर ने इस प्रकरण को लेकर बुधवार को मीडिया को दी जानकारी में बताया कि सोशल मीडिया पर शाहपुर बीडीओ परशुराम का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें रिश्वत लेने से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। प्रशासन ने वायरल वीडियो का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा को रिपोर्ट भेजी थी। जिलाधिकारी ने देर रात मामले में कार्रवाई करते हुए बीडीओ परशुराम को जिला मुख्यालय से अटैच करने के निर्देश दिए।
सीडीओ के अनुसार, मामले की जांच के लिए डीसी एलएलआरएम के नेतृत्व में दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। कमेटी ने बुधवार से प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान वायरल वीडियो, उसमें लगाए गए आरोपों और संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो करीब एक माह पुराना बताया जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच कमेटी सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
वहीं, प्रशासन ने शाहपुर ब्लॉक के कामकाज को सुचारु बनाए रखने के लिए अरविंद कुमार त्यागी को नया खंड विकास अधिकारी नियुक्त किया है। बीडीओ परशुराम को मुख्यालय से अटैच किए जाने के बाद यह मामला विकास विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बीडीओ परशुराम ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
