सहारनपुर PNB नकली नोट केस: संविदा चालक आदेश चौधरी गिरफ्तार

17.29 करोड़ रुपये अंकित मूल्य की नकली भारतीय मुद्रा मिलने के मामले में दूसरी गिरफ्तारी; साजिश और करेंसी चेस्ट तक नोट पहुंचने की कड़ी तलाश रही NIA

सहारनपुर। सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये अंकित मूल्य की नकली भारतीय मुद्रा मिलने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को एक और आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आदेश चौधरी के रूप में हुई है। वह सहारनपुर में पीएनबी के करेंसी चेस्ट में संविदा चालक के रूप में काम करता था।

एनआईए के अनुसार, आदेश चौधरी नकली भारतीय मुद्रा से जुड़ी कथित साजिश में शामिल प्रमुख आरोपियों में से एक है। एजेंसी ने उसे केस संख्या RC-02/2026/NIA/LKW में गिरफ्तार किया है। इस मामले में एनआईए की यह दूसरी गिरफ्तारी है।

मानकमऊ क्षेत्र का रहने वाला है आरोपी

आदेश चौधरी सहारनपुर के कुतुबशेर थाना क्षेत्र अंतर्गत मानकमऊ के नई नंदपुरी कॉलोनी क्षेत्र का रहने वाला है। वह बैंक का नियमित कर्मचारी नहीं था, बल्कि करेंसी चेस्ट में संविदा चालक के रूप में तैनात था।

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एनआईए अब उससे पूछताछ के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और नकदी की आवाजाही तथा रखरखाव में किन-किन लोगों की भूमिका रही।

29 अगस्त को सामने आया था मामला

यह मामला 29 अगस्त 2026 को सामने आया था। सहारनपुर के सदर बाजार थाने को सिविल लाइंस स्थित पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट से नकली भारतीय मुद्रा मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। जांच में बरामद नकली नोटों का कुल अंकित मूल्य 17.29 करोड़ रुपये बताया गया।

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प्रारंभिक जांच के दौरान बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में आई थी। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था।

सदर बाजार थाने में एफआईआर संख्या 0431/2026 दर्ज की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 178 के तहत दर्ज किया गया था। यह धारा सिक्कों, सरकारी स्टाम्प तथा भारतीय मुद्रा अथवा बैंक नोटों की जालसाजी से संबंधित है।

तीन सितंबर को NIA ने अपने हाथ में ली जांच

मामले की गंभीरता और इसके संभावित व्यापक नेटवर्क को देखते हुए जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी गई थी। एनआईए ने तीन सितंबर 2026 को प्रकरण को RC-02/2026/NIA/LKW के रूप में दोबारा दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली।

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एजेंसी ने सात सितंबर को एफआईआर में नामजद आरोपी एवं बैंक अधिकारी अमित कुमार को गिरफ्तार किया था। आदेश चौधरी की गिरफ्तारी इस मामले में दूसरी महत्वपूर्ण कार्रवाई है।

नकली नोटों के स्रोत और नेटवर्क की तलाश

एनआईए यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली भारतीय मुद्रा कहां से आई और इसे करेंसी चेस्ट के भीतर किस तरह पहुंचाया गया। जांच में बैंक कर्मचारियों, नकदी के परिवहन से जुड़े लोगों और अन्य संदिग्धों की भूमिका भी परखी जा रही है।

एजेंसी के अनुसार, मामले की जांच जारी है। कथित साजिश में शामिल अन्य सह-आरोपियों और संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई के प्रयास किए जा रहे हैं।

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