सहारनपुर नगर निगम की एकमुश्त समाधान योजनानगर निगम सहारनपुर

सहारनपुर नगर निगम ओटीएस योजना: 75 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार

प्रत्येक जोन से 25 नाम चुने गए; आयकर और डाक विभाग के तीन भवनों पर 13.19 करोड़ रुपये मूल कर बकाया बताया गया।

सहारनपुर। सहारनपुर नगर निगम ओटीएस योजना के तहत तीनों जोन के 25-25 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार की गई है। नगरायुक्त शिपू गिरि के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक और कर संग्रहकर्ता इन 75 बकायेदारों से व्यक्तिगत संपर्क कर मूलधन जमा करने तथा ब्याज में छूट लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। सूची में आवासीय, गैर आवासीय और सरकारी भवन शामिल हैं।

 

सहारनपुर नगर निगम ओटीएस योजना में ब्याज पर मिलेगी छूट

कर अधीक्षक सुधीर शर्मा ने बताया कि गृहकर, जलकर और सीवरकर के पुराने बकाये के लिए एकमुश्त समाधान योजना 15 अगस्त से लागू हो चुकी है। पात्र भवन स्वामियों को बकाया मूल कर जमा करने पर नियमानुसार ब्याज और सरचार्ज में शत-प्रतिशत तक छूट मिल सकती है।

योजना के लिए 14 नवंबर तक आवेदन किया जा सकता है, जबकि पात्र मामलों का भुगतान और निस्तारण 15 दिसंबर तक किया जाना है। भवन स्वामी नगर निगम मुख्यालय या संबंधित जोन कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन upulbots.in वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है।

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, योजना में पात्र करदाता मूल बकाया राशि का भुगतान अधिकतम तीन किस्तों में भी कर सकते हैं। निर्धारित अवधि में पूरा मूलधन जमा नहीं होने पर ब्याज छूट का लाभ प्रभावित हो सकता है।

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बड़े बकायेदारों से व्यक्तिगत संपर्क करेंगे अधिकारी

नगरायुक्त शिपू गिरि ने योजना का लाभ अधिक से अधिक करदाताओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद तीनों जोन के अधिकारियों ने अपने क्षेत्र के 25-25 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार की है।

राजस्व निरीक्षक और कर संग्रहकर्ता चिह्नित बकायेदारों से व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे। अधिकारी उन्हें बकाये की जानकारी देने के साथ मूलधन जमा कर ब्याज बचाने की प्रक्रिया समझाएंगे। सूची में निजी आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के साथ सरकारी भवन भी शामिल किए गए हैं।

तीन सरकारी भवनों पर 13.19 करोड़ रुपये मूल कर बकाया

नगर निगम के अनुसार, कर अधीक्षक सुधीर शर्मा ने कोर्ट रोड स्थित आयकर भवन तथा रेलवे रोड और मिशन कंपाउंड स्थित डाक विभाग के कार्यालयों को पत्र भेजे हैं। संबंधित अधिकारियों से व्यक्तिगत मुलाकात कर योजना का लाभ लेने का अनुरोध भी किया गया है।

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नगर निगम की ओर से बताए गए बकाये का विवरण इस प्रकार है:

भवन/विभाग मूल बकाया ब्याज
आयकर भवन, कोर्ट रोड ₹3.22 करोड़ ₹28.23 लाख
पोस्ट ऑफिस, रेलवे रोड ₹3.19 करोड़ ₹31.02 लाख
पोस्ट ऑफिस, मिशन कंपाउंड ₹6.78 करोड़ ₹66.98 लाख
कुल ₹13.19 करोड़ ₹1.26 करोड़ से अधिक

निगम अधिकारियों का कहना है कि तीनों भवनों से संबंधित विभाग पूरा मूल बकाया जमा करते हैं तो उन्हें मिलाकर करीब 1.26 करोड़ रुपये ब्याज में छूट मिल सकती है। अंतिम देय राशि आवेदन की जांच और नगर निगम के अभिलेखों के सत्यापन के बाद निर्धारित होगी।

पांच दिनों में मिले 75 आवेदन

कर अधीक्षक ने बताया कि योजना शुरू होने के पांच दिनों में 75 भवन स्वामियों ने आवेदन किए हैं। नगर निगम ने इन आवेदनों की जांच और निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इसके अलावा चालू वित्तीय वर्ष की गृहकर और जलकर मांग जमा करने पर 30 सितंबर तक 20 प्रतिशत छूट दिए जाने की जानकारी भी नगर निगम ने दी है। भवन स्वामियों से निर्धारित अवधि में कर जमा कर छूट लेने की अपील की गई है।

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जिन भवन स्वामियों के बिल में नाम, क्षेत्रफल, कर निर्धारण या बकाया राशि से संबंधित त्रुटि है, वे नगर निगम में आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। जांच के बाद बिल में आवश्यक संशोधन किया जाएगा।

ओटीएस योजना से जुड़े प्रमुख सवाल

आवेदन कब तक किया जा सकता है?
नगर निगम की सूचना के अनुसार आवेदन की अंतिम तारीख 14 नवंबर 2026 है। योजना के अंतर्गत भुगतान और निस्तारण 15 दिसंबर तक किया जाना है।

आवेदन कहां करना होगा?
भवन स्वामी नगर निगम मुख्यालय अथवा संबंधित जोन कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन upulbots.in पर उपलब्ध है।

योजना में क्या लाभ मिलेगा?
पात्र भवन स्वामी बकाया मूल कर जमा कर अधिरोपित ब्याज और सरचार्ज में नियमानुसार शत-प्रतिशत तक छूट प्राप्त कर सकते हैं।

नगर निगम अब बड़े बकायेदारों से संपर्क के साथ प्राप्त आवेदनों की जांच कर रहा है। योजना के अंतर्गत जमा कराई गई कुल धनराशि और दी गई ब्याज छूट के आंकड़े निस्तारण प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद स्पष्ट होंगे।

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