होटल में उद्योगपतियों से मिलकर पिछले दरवाजे से निकले अफसरः धर्मेन्द्र मलिक

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच टीम पर किसान नेता ने उठाये सवाल, कहा-किसानों के सामने सैम्पलिंग से अफसर क्यों घबरा रहे

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यूनियन की शिकायतों के बाद मंगलवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की सहारनपुर, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर के अफसरों की संयुक्त टीम ने जनपद में कुछ पेपर मिलों का निरीक्षण किया, उन्होंने इस कार्रवाई को सिर्फ खानापूर्ति करार दिया है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक ने आरोप लगाया कि जांच दल का रवैया शुरू से ही संदिग्ध रहा। उन्होंने बताया कि दिल्लीदृदेहरादून हाईवे पर एक बड़े होटल में ठहरी टीम ने सुबह किसानों से मिलने के बजाय पहले दो-तीन उद्योगपतियों से बंद कमरे में करीब एक घंटे तक चर्चा की। किसान और ग्रामीण प्रदूषण की शिकायत लेकर पहुंचे थे, लेकिन अफसर पिछले दरवाजे से निकल गए। जब उद्योगपति जाते हैं तो यही अफसर उनका सम्मान करते हैं। यूनियन को जानकारी मिली कि टीम जानसठ रोड स्थित महालक्ष्मी पेपर मिल में निरीक्षण करने पहुंची है। इस पर दर्जनों किसान और पदाधिकारी वहां पहुंचे और आरडीएफ के गोदामों और मिलों की जांच उनके सामने कराने की मांग की, लेकिन टीम ने इसे नजरअंदाज कर मनमाफिक तरीके से निरीक्षण जारी रखा।
इसके बाद अधिकारी हाईवे स्थित एक रिसोर्ट में पहुँचे। किसान यहां भी पहुंचे, परंतु अफसरों ने मिलने से इंकार कर दिया। यूनियन की मांग थी कि सैंपलिंग और संपूर्ण जांच किसानों और ग्रामीणों की मौजूदगी में की जाए, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे। किसान यूनियन ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि निरीक्षण के दौरान टीम की एक गाड़ी खाली डिग्गी के साथ अंदर गई, लेकिन बाहर निकलते समय डिग्गी में डिब्बे भरे हुए दिखाई दिए। इससे किसानों ने निष्पक्ष जांच की संभावनाओं पर प्रश्नचिह्न लगाया है। किसान यूनियन के अनुसार गांवों के आसपास आरडीएफ के नाम पर खुले कचरा गोदाम बन चुके हैं, जिनसे बदबू और प्रदूषण फैल रहा है। संगठन का कहना है कि अधिकारियों को इन गोदामों का निरीक्षण किसानों और ग्रामीणों की उपस्थिति में करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। बंद कमरे में बैठकर होने वाली जांच से न्याय की भावना पूरी नहीं होती, उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पेपर मिलों में आरडीएफ के दुरुपयोग की निष्पक्ष जाँच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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उद्योगों को जांच से कोई भय नहीं, विरोध करने वालों से प्रशासन खुद निपटेः पंकज अग्रवाल

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश पेपर मिल एसोसिएशन अध्यक्ष और बिन्दल डुप्लैक्स लि. के एमडी पंकज अग्रवाल का कहना है कि किसी भी शिकायत या समस्या के बाद जांच करना अधिकारियों का काम है, हम उनको सहयोग कर रहे हैं। आंदोलन के नाम पर जो कुछ हो रहा है, हम पहले भी कह चुके हैं ये खुला हुडदंग हैं। खुले मंच पर हम दावा करते हैं कि हम सही माल मंगवा रहे हैं और उसका सैम्पल हम ईमानदारी से भरवाने में जांच दल का सहयोग कर रहे हैं। जो लोग भी अधिकारियों की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, इनके विरोध के मामले को पुलिस प्रशासन के अधिकारी खुद देखेंगे।

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पंकज ने बताया कि जनपद में टीम द्वारा 8-10 मिलों का निरीक्षण किया। कई स्थानों से सैम्पलिंग की है, उद्योगपतियों ने कोई भी विरोध नहीं किया। जो विरोध कर रहे हैं उनसे हमारा कोई लेना देना इनसे नहीं है। जो शिकायत इनके द्वारा की गई है, पुलिस प्रशासन और शायन उसकी जांच कराने का काम कर रहा है, उद्योगपति पूरी तरह से जांच का समर्थन कर रहे हैं और सहयोग कर रहे हैं। जांच होगी तो रिपोर्ट भी आयेगी और रिपोर्ट आने पर सभी कुछ जनता के सामने साफ हो जायेगा। हम सरकार ने जो भी नियम बनाये हैं, उसकी के अनुसार आरडीएफ मंगा रहे हैं। उद्योगपति को जांच से कोई भय नहीं है।

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