ट्रंप चीन दौरा पर सस्पेंस खत्म, अमेरिका-चीन रिश्तों की परीक्षा

वॉशिंगटन/बीजिंग। ईरान में जारी जंग के बीच ट्रंप चीन दौरा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मई में चीन जाएंगे, जहां 14 और 15 मई को उनकी मुलाकात शी जिनपिंग से होगी। इस अहम दौरे पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं, खासकर ताइवान और व्यापारिक तनाव के मुद्दे को लेकर।  बताया जा रहा है कि यह बीते 8 वर्षों में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति का पहला चीन दौरा होगा।

इससे पहले कई बार योजना बनी, लेकिन वह सिरे नहीं चढ़ सकी थी, जिससे दोनों देशों के रिश्तों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लिविट ने इस दौरे की पुष्टि करते हुए कहा कि साल के अंत तक शी जिनपिंग भी अमेरिका का दौरा कर सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप को मार्च में ही चीन जाना था, लेकिन ईरान में जंग छिड़ने के चलते उन्होंने वॉशिंगटन में रहना जरूरी समझा। बताया जा रहा है कि इस जंग की निगरानी खुद ट्रंप कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें:  लेबनान में हिजबुल्लाह पर प्रतिबंध, प्रधानमंत्री सख्त

 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग में पहले ही दिन अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद से संघर्ष लगातार जारी है। ट्रंप चीन दौरा के दौरान ताइवान मुद्दा रह सकता है केंद्र में चीन और अमेरिका के बीच तनाव की सबसे बड़ी वजह ट्रेड वॉर और ताइवान रहे हैं। अमेरिका द्वारा ताइवान को समर्थन देने पर चीन लगातार आपत्ति जताता रहा है और इसे अपनी वन चाइना पॉलिसी के खिलाफ मानता है। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान चीन ताइवान का मुद्दा प्रमुखता से उठा सकता है।

इसे भी पढ़ें:  अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर बड़ा खुलासा, पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल

ईरान पर अमेरिकी हमले से चीन भी असहज नजर आ रहा है। दरअसल, चीन ईरान से बड़े पैमाने पर तेल खरीदता है और वहां अपने उत्पादों का निर्यात भी करता है। चीन ने इस जंग को खत्म करने की अपील की है, जबकि अमेरिका ने 15 सूत्रीय सुलह प्रस्ताव रखा है, जिसे ईरान स्वीकार करने के मूड में नहीं दिख रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप चीन दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव पहले से ही वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर में एसआईआरः मंगलवार से शुरू हो रहा वोटरों की छंटाई का सबसे बड़ा अभियान

 ऐसे में इस मुलाकात के नतीजों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी, क्योंकि इसका असर सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार और राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।  कुल मिलाकर, ट्रंप चीन दौरा न सिर्फ अमेरिका-चीन रिश्तों के लिए अहम है, बल्कि ताइवान विवाद और वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला भी साबित हो सकता है।

Share This Article