बनी सहमति-समिति न ट्रस्ट समाज निकालेगा विश्वकर्मा शोभायात्रा

मुजफ्फरनगर। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर निकलने वाली शोभायात्रा को लेकर विश्वकर्मा समाज में समिति और ट्रस्ट को लेकर बने विवाद में पुलिस एवं प्रशासन के अफसरों के सामने ही दोनों पक्षों के लोगों के बीच जमकर हंगामा हुआ। शहर के दो पक्षोंकृजगदीश और नरेश के लोगों के बीच शोभायात्रा के आयोजन को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि मौके पर भारी पुलिस बल बुलाना पड़ा। सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ मंडी की मौजूदगी में दोनों पक्षों के लोगों के बीच आखिरकार समझौता हुआ और भगवान विश्वकर्मा की शोभायात्रा के लिए न तो समिति और न ही ट्रस्ट से किसी को जिम्मेदारी दी गई, बल्कि इसके लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया, इसी समिति का शोभायात्रा निकालने की अनुमति दी जायेगी। इस पर दोनों पक्ष ने सहमति व्यक्त की।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों ही पक्ष विश्वकर्मा शोभायात्रा निकालने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए भाजपा नेता जगदीश पांचाल ने विश्वकर्मा चौक शोभायात्रा समिति ट्रस्ट की ओर से अपने लैटर पेड पर सिटी मजिस्ट्रेट के यहां प्रार्थना पत्र देकर अनुमति मांगी, इसकी जानकारी विश्वकर्मा चौक शोभायात्रा समिति के अध्यक्ष डॉ. नरेश विश्वकर्मा को मिली, जिस पर विवाद लगातार बना रहने के कारण यह एक बढ़े सामाजिक हंगामे में बदल गया। लगभग एक पखवाडे से समाज में जगदीश पांचाल और नरेश विश्वकर्मा के गुटों में समाज के लोग बंटे नजर आ रहे हैं। नरेश विश्वकर्मा ने पूर्व में समाज की बैठक बुलाकर जगदीश पांचाल पर गंभीर आरोप लगाये और उनको फर्जी अध्यक्ष बताते हुए शोभायात्रा का ट्रस्ट बनाकर समाज से पैसे लूटने वाला बताया। इसके बाद कई दौर में समाज के लोगों ने दोनों पक्षों में समझौता करने का प्रयास किया। पूर्व मं हुई समाज की पंचायत में जगदीश पांचाल और डॉ. नरेश विश्वकर्मा अपने समर्थकों के साथ शामिल रहे। इसमें भी विवाद उत्पन्न हो जाने के बाद हंगामा चलता रहा।
शनिवार को भोपा रोड विश्वकर्मा चौक स्थित एक बैंकट हॉल में समाज के लोगों की मीटिंग पुलिस और प्रशासनिक हस्तक्षेप के साथ हुई। इसमें सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर, सीओ मंडी राजू कुमार शाव मुख्य रूप से मौजूद रहे। हंगामे और विवाद की संभावना को देखते हुए शहर कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर उमेश रोरिया और नई मंडी एसएचओ दिनेश बघेल भी भारी पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे। इस मीटिंग में समिति के अध्यक्ष डॉ. नरेश विश्वकर्मा ने अधिकारियों के समक्ष बताया कि पूर्व में हुई मीटिंग में समाज ने नया अध्यक्ष चुनने के लिए 11 वरिष्ठ लोगों को जिम्मेदारी दी, लेकिन उनके नाम चुनने से पहले ही कुछ लोगों ने बिजेन्द्र धीमान को नया अध्यक्ष चुनकर माला पहना दी और उनको घोषित कर दिया, इससे विवाद और गहरा गया। जगदीश पांचाल ने भी अपना पक्ष रखा। इस दौरान बैंकट हॉल के अंदर और बाहर दोनों पक्षों के समर्थकों में तीखी बहस, शोर-शराबा और आरोप प्रत्यारोप का दौर चलने के कारण भारी हंगामा होता रहा। कई बार तो पुलिस फोर्स को बीच बचाव कराना पड़ा।
डॉ. नरेश विश्वकर्मा ने बताया कि बैठक में अफसरों की उपस्थिति में दोनों पक्षों के साथ ही सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है। भगवान विश्वकर्मा जयंती पर शोभायात्रा न तो समिति निकालेगी और न ही ट्रस्ट, शोभायात्रा का आयोजन करने के लिए तीन संयोजक बनाये गये है। ये तीनों संयोजक विश्वकर्मा चौक प्रभारी प्रदीप धीमान के साथ मिलकर प्रशासनिक अनुमति प्राप्त करने के साथ ही शोभायात्रा का पूरा आयोजन करायेंगे। संयोजकों में जगदीश पांचाल, डॉ. नरेश विश्वकर्मा और समाज के नए अध्यक्ष चुने गये बिजेन्द्र धीमान को शामिल किया गया है। वहीं सिटी मजिस्ट्रेट पंकज राठौर ने बताया कि विश्वकर्मा शोभायात्रा के आयोजन को लेकर दो पक्षों में विवाद उत्पन्न हुआ था। इस कारण ट्रस्ट और समिति के पदाधिकारियों को अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया गया है। अब सहमति बनी है कि समाज के लोग ही इसके लिए प्रार्थना पत्र देकर शोभायात्रा आयोजन की अनुमति प्राप्त करेंगे। समाज ने इसके लिए संयोजक चुने हैं। अब विवाद खत्म हो गया है। समिति और ट्रस्ट को लेकर दोनों पक्षों के पास कानूनी और विभागीय कार्यवाही करने का रास्ता खुला है, पुलिस प्रशासन ने केवल शोभायात्रा के आयोजन की अनुमति को लेकर बने विवाद का पटाक्षेप कराया है। बैठक में जगदीश और नरेश दोनों पक्षों ने समझौते पर सहमति जताई। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की।

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