ओपन जिम मामले में क्लीन चिट, नहीं मिली वित्तीय अनियमितता

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् के अन्तर्गत वार्ड 21 में मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना में बिना कार्य के भुगतान जारी कर दिये जाने के प्रकरण में जांच में पूरी तरह से क्लीन चिट दे गई है। प्रकरण में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं होने का जांच समिति ने दावा कर ईओ को रिपोर्ट भेज दी है। इसमें केवल कार्य स्थल बदलने की बात कही गई है। इस रिपोर्ट पर ईओ ने वार्ड 39 से जिम उपकरणों को उखड़वाकर वार्ड 21 में लगाये जाने के आदेश देने के साथ ही जेई और ठेकेदार को नोटिस जारी करते हुए बिना अनुमति के कार्य स्थल बदलने को लेकर जवाब तलब किया। इसके साथ ही इस प्रकरण का पटाक्षेप कर दिया गया हैै।

मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना में नवविस्तारण क्षेत्रों के विकास के लिए पालिका के निर्माण विभाग द्वारा मार्च 2024 में 18 कार्य कराने के लिए टैण्डर निकाले थे, इसमें पांच स्थानों पर ओपन जिम स्थापित किये जाने थे, इनमें शहर के वार्ड 21 के तहत दक्षिणी रामपुरी में भी ओपन जिम लगवाना तय हुआ था। एक ओपन जिम के लिए निर्माण विभाग ने 6 लाख 79 हजार 810 का व्ययानुमान बनाया था। 07 अक्टूबर 2024 की बोर्ड बैठक में न्यूनतम दर देने वाली खालसा एक्सपोर्ट प्रा.लि. मेरठ के नाम टैण्डर स्वीकृत किया गया।

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इस प्रकरण में एक सभासद ने शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि वार्ड 21 में कोई भी ओपन जिम स्थापित नहीं कराया गया और बिना कार्य कराये ही निर्माण विभाग की संस्तुति पर ठेकेदार फर्म को 6 लाख 65 हजार 886 रुपये का भुगतान भी जारी कर दिया गया है। इसमें सभासद ने जांच की मांग की थी। कहा गया कि इसकी जानकारी मिलने पर निर्माण विभाग की ओर से गुपचुप तरीके से ही दक्षिणी रामपुरी में स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर परिसर में मिट्टी भराव कराते हुए ओपन जिम लगाने के लिए रातों रात कंक्रीट फाउण्डेशन बना दिये गये थे। खुलासा हुआ तो जेई कपिल कुमार ने बताया था कि वार्ड 21 में जगह नहीं मिलने के कारण वार्ड सभासद रजत धीमान की सहमति से यह ओपन जिम वार्ड 39 में फ्रेेंडस कालोनी के पार्क में स्थानांतरित करते हुए लगाया गया, इसमें कोई वित्तीय अनिमितता नहीं हुई, लेकिन इसके लिए बोर्ड या पालिका ईओ एवं चेयरमैन से किसी भी प्रकार की स्वीकृति नहीं ली गई थी।

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ओपन जिम प्रकरण में स्थलीय निरीक्षण करते पालिका जांच समिति के सदस्य

प्रकरण सामने आने पर ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने त्वरित कार्यवाही करते हुए दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर एई जलकल सुनील कुमार और जेई निर्माण राजीव सोनकर से बुधवार को जांच कर तत्काल आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिये थे। इसके साथ ही ईओ ने खुद भी दोनों स्थलों का निरीक्षण करते हुए जांच की। ईओ ने बताया कि जांच समिति ने अपनी आख्या उपलब्ध कराई है, जिसमें बताया गया कि वार्ड संख्या 21 में प्रस्तावित ओपन जिम कार्य को निकटतम वार्ड संख्या 39 में करीब 150 मीटर दूरी पर स्थापित कराया गया है, जिससे दोनों वार्डों की जनता लाभान्वित हो रही है। ओपन जिम का निर्माण होने के बाद ही ठेकेदार फर्म को भुगतान किया गया है, इसमें कोई वित्तीय अनियमितता नहीं की गयी है। जांच समिति ने पूरी तरह से क्लीनचिट दे दी है।

ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि जांच समिति की रिपोर्ट आने के उपरांत वार्ड 39 में लगाये गये जिम के सभी उपकरणों को उखड़वाकर वार्ड 21 मेें निर्धारित स्थल पर लगवाने के निर्देश जेई निर्माण कपिल कुमार को दे दिये गये हैं। दो दिन में यह कार्य पूर्ण कराना है और इसके लिए होने वाले व्यय का वहन सम्बंधित ठेकेदार फर्म को ही उठाना होगा। पालिका कोई भुगतान नहीं करेगी। ईओ का कहना है कि यह प्रकरण केवल बिना अनुमति के स्थल परिवर्तन का है, वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है, इसमें सुधार की संभावना को देखते हुए ही उपकरण हटाने के लिए कहा गया है। बिना कार्य हुए भुगतान करने के आरोप गलत पाये गये हैं। बिना अनुमति के स्थल परिवर्तन करने के मामले में जेई कपिल कुमार की लापरवाही सामने आई है। उन्होंने अपने स्तर से ही निर्णय लेकर स्थल परिवर्तन कराया है, जो गंभीर लापरवाही को प्रदर्शित करता है। इसके लिए जेई और ठेकेदार को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब आने के बाद अग्रिम कार्यवाही की जायेगी। सभी मामले से चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप को भी अवगत करा दिया गया है, जांच समिति की रिपोर्ट भी उनको भेजी जा रही है। 

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