SOCIAL MEDIA POST-पाकिस्तान के साथ सीजफायर नहीं आ रहा रास

मुजफ्फरनगर। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच शुरू हुआ तनाव सीजफायर के बाद भी कायम है, लेकिन शनिवार की देर शाम जैसे ही अमेरिकी राष्ट्रपति का ट्वीट सामने आया और भारत व पाकिस्तान के बीच तात्कालिक रूप से पूर्ण संघर्ष विराम का ऐलान किया गया, उसके साथ ही मिली जुली प्रतिक्रिया भी सामने आई। सोशल मीडिया पर इसको सही और गलत ठहराने के लिए लोग पोस्ट करने लगे और इसको पीओके हासिल करने के लिए हाथ आये अवसर को गंवाने जैसा बताया तो अधिकांश ने इसके लिए भारत सरकार के निर्णय की सराहना भी की।

जनपद में भी कुछ लोगों के द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे जंग जैसे हालातों के बाद अचानक ही संघर्ष विराम का ऐलान कर देने पर प्रतिक्रिया दी गई हैं। इसमें शिवसेना शिंदे गुट के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा ने अपनी फेसबुक वॉल पर एक पोस्ट करते हुए पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम के निर्णय को लेकर नाराजगी प्रकट की है। हिंदूवादी नेता ललित मोहन शर्मा ने अपनी पोस्ट में कहा कि वही हुआ जिसकी उम्मीद थी, खोदा पहाड़ निकली चुहिया, यु( होने से पहले ही यु( विराम करने वाले पहले पीएम का खि़ताब भी आखिर मोदी जी के नाम ही हो गया, यु( विराम की घोषणा साबित करती है कि हमारे साहब कभी भी 56 इंची नहीं थे, और गोदी मिडिया का लाहौर कराची और इस्लामबाद पर हमले की फर्जी खबरों ने भी साबित कर दिया कि मिडिया किस कदर झूठी खबरों के जरिए जनता को बेवकूफ बनाने में लगा है, कुल मिलाकर आज पाकिस्तान को सबक सिखाने के सपने देख रही जनता और अंध भक्तों की बड़ी फौज सदमे में है और यह भी अब साफ हो गया है कि जिसे जनता हीरा समझ रही थी वह आखिर कांच का टुकड़ा निकला। उनका यह पोस्ट काफी चर्चाओं में आ रहा है। लोगों ने इसको लेकर कई कमेंट किये और इस निर्णय के पीछे ज्यादा लोगों का मत है कि बिहार चुनाव को देखते हुए ही यह निर्णय लिया जा रहा है। कुछ लोगों ने पाकिस्तान के साथ आरपार संघर्ष पर ही अपना मत जाहिर किया है।

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इसके साथ ही क्रांतिसेना के नेता और शनिधाम मंदिर चरथावल रोड के केयर टेकर शरद कपूर ने भी अपनी फेसबुक वॉल से कई पोस्ट पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम के निर्णय को लेकर की है। उन्होंने अपनी एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका के दबाव में पाकिस्तान के साथ यु( को रोक देना देश की जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। दूसरी पोस्ट में कहा कि अमेरिका के आगे नतमस्तक होकर भारत विश्व गुरू कैसे बनेगा। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि चलो अब 26 लाशों पर बिहार का चुनावा लड़ते हैं। एक पोस्ट में उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पहलगाम में पर्यटकों का नरसंहार करने वाले आतंकवादी कहां गायब हो गये, कोई बतायेगा। इसके साथ ही ऐसे ही कई पोस्ट शरद कपूर की फेसबुक वॉल पर वायरल हो रहे हैं।

गांव सावटू निवासी किसान नेता अमित चौधरी ने भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत के द्वारा की गई पोस्ट पर कमेंट में पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम के निर्णय को लेकर नाराजगी जताने के साथ ही अंत में सरकार के निर्णय को सही भी ठहराया। अमित में कहा कि इस पूरे प्रकरण में देश को यु( में झोंककर और पहले दो दिन मीडिया द्वारा पाकिस्तान पर कब्जा, लाहौर पर कब्जा, इस्लामाबाद पर कब्जा, ब्लूचिस्तान आजाद जैसी खबरें देशवासियों के साथ धोखा है, कोई सवाल करें तो उसे देशद्रोही का डर दिखाकर, भारत को शर्मशार कर दिया, हमारी माता बहनें जो सपना देख रही थी कि अजहर, हाफिज, सईद, अमीर सभी को मार गिराया जाएगा, मगर कुछ नहीं हुआ, बल्कि उल्टा उन्होंने हमारे धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, आम नागरिक को निशाना बनाया, मुझे तो बहुत दुख हो रहा है, पर जब कोई कुछ नही बोल रहे हैं तो ठीक है हम तो अपनी सरकार के साथ ही हैं, जो भी किया ठीक है।

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राकेश टिकैत बोले-शांति सर्वोपरि, राष्ट्रधर्म प्रथम, धर्मेन्द्र मलिक ने कहा-पहलगाम के पीछे चीन

मुजफ्फरनगर। भारत द्वारा पाकिस्तान के साथ सीजफायर का निर्णय लागू करने को लेकर किसान नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी हैं। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता एसकेएम नेता चौ. राकेश टिकैत ने अपनी पोस्ट में कहा कि शांति ही सर्वाेपरि निर्णय है, लेकिन राष्ट्रधर्म सबसे पहले है। वहीं भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक ने अपनी पोस्ट में कहा कि पहलगाम टेरर अटैक के पीछे सीधे तौर पर चीन शामिल है।

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भाकियू नेता राकेश टिकैत ने अपनी फेसबुक वॉल पर की गई पोस्ट में कहा कि गर्व है हमें अपने देश की सेना पर जिन्होंने भारत के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए अपना कर्तव्य निभाया और फिर एक बार साबित किया कि पाकिस्तान और उससे पनप रहा आतंकवाद फैलने नहीं दिया जाएगा, नारी शक्ति की थोड़ी सी यह झलक दुश्मन देश को आने वाले समय तक याद रहेगी, शांति ही सर्वाेपरि है यही हम सब का उद्देश्य है लेकिन राष्ट्रधर्म प्रथम है। यह पराक्रम, शौर्य और विजय देश के मनोबल को और बढ़ाएगी।


वहीं भाकियू अराजनैतिक प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक ने अपनी सोशल साइट पर की गई एक पोस्ट में कहा कि सीज़ फायर के बाद चाइना की सीधी एंट्री, कहा- पाकिस्तान की संप्रभुता बनाए रखने के लिए हम साथ हैं, कुछ समझे या नहीं!, पहलगाम के पीछे चीन है, टैरिफ वार में भारत की तरफ आ रहे निवेश को अस्थिरता से रोकने का प्रयास बताते हुए कहा कि हमले से एक सप्ताह पूर्व एप्पल ने भारत में यूनिट लगाने की घोषणा की थी, जिसे हमले के बाद वापस ले लिया था, समझे या नहीं!

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