MUZAFFARNAGAR-गरीब ई-रिक्शा वालों से हर दिन हुई 26 हजार से ज्यादा की वसूली

मुजफ्फरनगर। होली और इसके बाद अब ईद की तैयारियों को लेकर बाजार गुलजार है। घरों में बड़ों से लेकर बच्चों तक में खरीदारी का जोर है तो त्यौहारों की खुशियों को दोगुना करने के लिए परिवार के कमाऊ पूतों पर कमाने का दबाव भी बन रहा है। ऐसे में कुछ गरीब परिवारों के लोग भी दिन रात मेहनत कर कम से कम बच्चों के त्यौहारों को खुशी की चकाचौंध से भरने के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन होली और ईद के त्यौहारों वाले फरवरी और मार्च माह के अब तक के 30 दिन गरीब ई रिक्शा चालकों पर भारी पड़े हैं। अपने अपने परिवारों में त्यौहारों की खुशियों को दोगुना करने के प्रयासों में जुटे इन ई रिक्शा चालकों से यातायात पुलिस ने हर दिन 26 हजार रुपये से ज्यादा वसूल करते हुए अपनी झोली भरी है। ई रिक्शा चलाने वाले इसे गरीबों पर आर्थिक और मानसिक अत्याचार बताते हुए अपनी समस्या रख रहे हैं तो 30 दिनों में ई रिक्शा चालकों से 7.89 लाख रुपये का जुर्माना वसूलकर एसपी यातायात अतुल चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम अपना सीना चौड़ा कर रही है। टीम का दावा है कि इस कार्यवाही से शहर में जाम लगने की समस्या को समाप्त करने में बड़ी मदद मिली है। ई रिक्शा चलाने वालों के लिए कार्यवाही का यह हंटर पूरे करंट के साथ अभी कहर बरपाने के लिए जारी रखा जायेगा।

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पिछले कई महीनों से यातायात पुलिस जनपद में ई रिक्शा चालकों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही कर रही है। यातायात सुधार के लिए केवल और केवल गरीब ई रिक्शा चालक ही पुलिस के निशाने पर हैं। पिछले 30 दिनों में ई रिक्शा चालकों के खिलाफ की जाने वाली कार्यवाही का विवरण आंकड़ों सहित यातायात पुलिस के द्वारा अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म से जारी किया है। इसमें एसपी यातायात अतुल कुमार चौबे की ओर से बताया गया है कि जनपद मुजफ्फरनगर में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर श्री अभिषेक सिंह के निर्देशन में लगातार कार्यवाही की जा रही है। इस कार्यवाही में पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल कुमार चौबे के नेतृत्व में मुजफ्फरनगर यातायात पुलिस द्वारा बड़ा अभियान चलाया गया। इसमें 22 फरवरी से 22 मार्च तक विगत एक माह में मुजफ्फरनगर यातायात पुलिस द्वारा 445 ई-रिक्शाओं के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करते हुए ई रिक्शा चालकों से 7 लाख 89 हजार रूपये बतौर जुर्माना वसूल कर राजकोष में जमा कराया गया है और यह कार्यवाही वसूली है।

पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल कुमार चौबे

यातायात पुलिस का यह आंकड़ा देखा जाये तो फरवरी और मार्च के अभियान के बीते इन 30 दिनों में यातायात पुलिस के द्वारा इन गरीब ई रिक्शा चालकों से 26 हजार 300 रुपये प्रतिदिन वसूल किये गये हैं, जो वास्तव में यातायात पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि भी कही जा सकती है। भले ही इनमें से कुछ ई रिक्शा चालकों के घरों का चूल्हा यातायात पुलिस के जुर्माने की रकम अदा करने में बुझ गया हो, लेकिन यातायात पुलिस बड़ी वसूली के लिए सीना चौड़ा कर अपना महिमा मंडन करने में जुटी है। एसपी यातायात अतुल चौबे का कहना है कि अवैध रूप से निर्मित व नाबालिग बच्चों द्वारा चलायी जा रही ई-रिक्शाओं की रोकथाम के साथ ही यात्री सुरक्षा के दृष्टिगत ई-रिक्शा पर चालक का विवरण नाम, पिता का नाम, पूरा पता एवं मोबाइल नम्बर पीले रंग पर काले रंग से अंकित कराये जाने की कार्यवाही भी लगातार की जा रही है। उनका दावा है कि यातायात पुलिस की इस सख्त कार्यवाही से शहर क्षेत्र में जाम की समस्या को कम करने में सहयोग मिला है। यातायात पुलिस द्वारा दिये गये निर्देशों का आमजनमानस, व्यापारी बन्धुओं एवं ई-रिक्शा चालकों द्वारा भी पूर्ण सहयोग किया जा रहा है।

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व्यापारियों को अतिक्रमण की खुली छूट, गरीबों से मची वसूली की लूट

मुजफ्फरनगर। शहर में यातायात सुधर चुका है, ये हम नहीं कह रहे बल्कि यह दावा जनपद की उस यातायात पुलिस ने किया है, जो शहरी क्षेत्र में ही 445 ई रिक्शा चालकों से खून पसीने की कमाई से 7.89 लाख रुपये जुर्माना राशि के रूप में वसूल करने का बड़ा काम कर अपनी पीठ थपथपाने का काम कर रही है। शहर में जाम केवल ई रिक्शा के चालकों के द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा और कुछ भी यातायात पुलिस मुखिया को नजर नहीं आ रहा है। सड़कों पर अवैध रूप से खड़े किये जाने वाले ठेले, रेहडे और पटरी दुकानों को नहीं देखा जा रहा है, यहां तक दुकान के बाहर सड़क पर ही अस्थाई अतिक्रमण कर दूसरी दुकान चलाने वाले व्यापारी भी पुलिस को नजर नहीं आ रहे हैं। शहरी यातायात संवारने के लिए कुंती पुत्र अर्जुन बनी यातायात पुलिस और उसके गांडीव के तीर को चिड़िया की आंख की भांति इस समस्या की जड़ केवल ई रिक्शा ही नजर आ रही है और इसके लिए लक्ष्य भेदने को पुलिस कर्मी ताबड़तोड़ तीर चलाने में जुटे हैं। भले ही इसके लिए अतिक्रमण कर रहे व्यापारियों को पुलिस का मौन समर्थन मिल रहा हो। शिव चौक के पास ही गोल मार्किट में अतिक्रमण को छेड़ने के लिए किसी में साहस नहीं है। हिन्दूवादी संगठन ने इसके लिए आवाज उठाई तो उसको भी दबा दिया गया। भगत सिंह रोड पर व्यापारियों का अतिक्रमण किसी से छिपा नहीं। झांसी रानी पर अतिक्रमण हटवाने के लिए किसी के पास कोई सोच या कार्ययोजना नहीं है। यातायात पुलिस का यह रवैया गरीब परिवारों के लिए रोजी रोटी का संकट खड़ा कर रहा है। 

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