MUZAFFARNAGAR-विकास के लिए आठ निकायों को मिले 17.84 करोड़

मुजफ्फरनगर। नगरीय क्षेत्रों में विकास कार्य कराये जाने के लिए केन्द्र सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश के दस लाख से कम आबादी वाले शहरों को 15वें वित्त आयोग के अन्तर्गत की गई सिफारिशों के आधार पर 744.87 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी कर दी है। इसमें जिले की दस में आठ निकायों को 17.84 करोड़ रुपये की ग्रांट मिली है, यह पैसा नगरीय निकाय क्षेत्रीय विकास कार्यों पर खर्च किया जा सकेगा। इसमें मुजफ्फरनगर नगरपालिका को 12.96 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। करीब 15 दिन पूर्व इन आठ निकायों को 15वें वित्त के अन्तर्गत ही अनटाइड बेसिक ग्रांट के रूप में 11.89 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया गया था।

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स्थानीय निकाय निदेशालय उत्तर प्रदेश के निदेशक अनुज कुमार झा ने सभी जिलाधिकारियों और निकायों के अधिशासी अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए ग्रांट जारी करने की जानकारी दी है। उन्होंने पत्र में बताया कि 15वें वित्त आयोग की संस्तुति के अन्तर्गत वर्ष 2024-25 के लिए दस लाख से कम आबादी वाले शहरों में विकास कार्यों के लिए टाइड ग्रांट की प्रथम किश्त की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। इसमें जिले की दस निकायों में से शाहपुर और बुढ़ाना को छोड़ते हुए आठ निकायों को यह ग्रांट जारी की गई है। जिले की दोनों पालिकाओं मुजफ्फरनगर और खतौली के लिए 14 करोड़ 76 लाख 24 हजार 327 रुपये जारी किये गये हैं। इनमें मुजफ्फरनगर पालिका को 12 करोड़ 96 लाख 29 हजार 841 रुपये की ग्रांट मिली है। खतौली को एक करोड़ 79 लाख 94 हजार 486 रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है।

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इसके अलावा नगर पंचायत मीरापुर को 69 लाख 71 हजार 777, पुरकाजी नगर पंचायत को 63 लाख 63 हजार 267, चरथावल नगर पंचायत को 50 लाख 76 हजार 705, जानसठ नगर पंचायत को 46 लाख 07 हजार 284, भोकरहेडी नगर पंचायत को 41 लाख 46 हजार 555 और सिसौली नगर पंचायत को 36 लाख 85 हजार 827 रुपये की ग्रांट अवमुक्त की गई है। यह पैसा केवल विकास कार्यों पर खर्च करने की हिदायत दी गई है। इससे पहले 17 अक्टूबर को 15वें वित्त आयोग के अन्तर्गत ही उपरोक्त आठ नगरीय निकायों को 11 करोड़ 89 लाख 83 हजार 852 रुपये की ग्रांट मिली थी। इसमें नगरपालिका मुजफ्फरनगर को 8.64 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई थी। 

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