रामपुर में अधिवक्ता की हत्या से आक्रोश, खतौली तहसील बार एसोसिएशन ने किया न्यायिक कार्य का बहिष्कार

शोकसभा कर दी श्रद्धांजलि, दो मिनट का मौन

न्यायालय से प्रतिकूल आदेश न पारित करने का किया अनुरोध

 

खतौली जनपद रामपुर बार एसोसिएशन के सदस्य अधिवक्ता श्री फारूख अहमद खान की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या से अधिवक्ता समाज में भारी रोष व्याप्त है। घटना की घोर निंदा करते हुए खतौली तहसील बार एसोसिएशन ने गुरुवार को न्यायिक कार्यों का पूर्ण बहिष्कार किया तथा ग्राम न्यायालय को पत्र भेजकर अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति में किसी भी वाद में प्रतिकूल (एडवर्स) आदेश पारित न करने का अनुरोध किया।तहसील बार एसोसिएशन खतौली (रजि. सं. 8837 एस०), जो बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से सम्बद्ध है, की कार्यकारिणी वर्ष 2025-26 के अध्यक्ष नवीन कुमार उपाध्याय एडवोकेट एवं महासचिव प्रदीप कुमार एडवोकेट के नेतृत्व में शोकसभा आयोजित की गई।

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सभा में वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामचन्द्र सैनी, कोषाध्यक्ष सावन कुमार, उपाध्यक्ष मनोज कुमार त्यागी, आनन्द कुमार उपाध्याय सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।वक्ताओं ने कहा कि हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति, पश्चिमी उत्तर प्रदेश द्वारा 11 फरवरी 2025 को पारित प्रस्ताव के क्रम में अधिवक्ता फारूख अहमद खान की 11 फरवरी 2026 को अज्ञात हमलावरों द्वारा दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं को झकझोर कर रख दिया है।

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अधिवक्ताओं ने इसे कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की।शोकसभा में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया तथा ईश्वर से प्रार्थना की गई कि वे दिवंगत को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। बार एसोसिएशन खतौली ने इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार एवं बार एसोसिएशन रामपुर को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।

सभा के उपरांत सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि विरोध स्वरूप 12 फरवरी 2026 को सभी अधिवक्ता न्यायालय में न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। इस संबंध में ग्राम न्यायालय खतौली के न्यायाधिकारी को पत्र प्रेषित कर अनुरोध किया गया कि अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति में वादकारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए किसी भी मामले में प्रतिकूल आदेश पारित न किया जाए।

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अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। घटना को लेकर अधिवक्ता समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है और प्रदेश स्तर पर भी विरोध की तैयारी की जा रही है।

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