पुलिस की बड़ी कार्रवाई, किसानों के शोषण पर रोक लगाने का प्रयास, 15.12 लाख की अवैध यूरिया जब्त, 8 गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर पुलिस और एसओजी टीम ने खाद की कालाबाजारी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में कुल 15.12 लाख रुपये मूल्य की 454 कट्टे (लगभग 20,430 किलोग्राम) अवैध यूरिया जब्त की गई है। साथ ही, 8 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने इस संबंध में जानकारी दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई अवैध यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए की गई है, जिससे किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद मिल सके। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने मीरापुर क्षेत्र के छतरपुर यमुना नहर, हरिद्वार मार्ग पर छापेमारी की, जहां खेतों में भारी मात्रा में अवैध यूरिया खाद को एकत्र किया जा रहा था। यह खाद एक गोदाम में भी मिली, जिसे जब्त कर लिया गया। जांच में पता चला कि यह गिरोह सरकारी अनुदान पर उपलब्ध होने वाली यूरिया खाद को अवैध रूप से खरीद कर प्राइवेट फैक्ट्रियों में महंगे दामों पर बेच रहा था।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के तार मेरठ, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हैं। यह गिरोह किसानों को यूरिया की कमी दिखाकर अधिक दामों पर बेचने का काम कर रहा था। पुलिस का अनुमान है कि जब्त की गई यूरिया का बाजार मूल्य 80-100 रुपये प्रति किलोग्राम होगा, जबकि यह किसानों को 5-6 रुपये प्रति किलोग्राम पर मिलता है। पकडे गये आरोपियों ने अपने ननाम तस्वीर निवासी पुंडीर, थाना नागल, सहारनपुर, राहुल राणा निवासी जलालाबाद, हरिद्वार, विशाल राणा निवासी बेहट, सहारनपुर, रविंद्र निवासी थाना सदर, मुजफ्फरनगर, मनीष निवासी सादीपुर, हरिद्वार, सौरभ उर्फ हिमांशु निवासी चौक भोकराहेड़ी, मुजफ्फरनगर, रितेश उर्फ हिमांशु निवासी लक्खूबुरा, मुजफ्फरनगर व सूर्य प्रताप निवासी टोपीवाला चौक, मुजफ्फरनगर बताया। पुलिस ने इन अभियुक्तों से 350 बैग यूरिया, 01 टाटा आरसीएफ कार, 01 स्विफ्ट कार, 01 पिकअप गाड़ी और अन्य सामान बरामद किया है। इस संबंध में आवश्यक वस्तु अधिनियम और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह कार्रवाई मुजफ्फरनगर पुलिस के सराहनीय कार्यों में से एक है, जिससे किसानों को राहत मिलेगी।





