मुजफ्फरनगर में ग्राम परिवहन सेवा की बसें खड़ी कर ऑपरेटरों का हंगामा

एआरटीओ कार्यालय पर प्रदर्शन कर किया अधिकारियों का घेराव, संचालन ठप करने की चेतावनी

मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन सेवा योजना के तहत संचालित मिनी बसों के निजी संचालकों ने गुरुवार को एआरटीओ कार्यालय पर करीब 20 बसें खड़ी कर प्रदर्शन किया। संचालकों ने आरोप लगाया कि विभागीय समन्वय की कमी, मुख्यालय तक बसों के संचालन में बाधाएं, ट्रैफिक पुलिस द्वारा लगातार चालान और बसों के लिए उचित पार्किंग व्यवस्था न होने से योजना प्रभावित हो रही है। ऑपरेटरों ने चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान होने तक बसों का संचालन बंद रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन सेवा योजना के अंतर्गत जनपद में संचालित मिनी बसों के निजी ऑपरेटरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एआरटीओ कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान करीब 20 मिनी बसों को कार्यालय परिसर के बाहर खड़ा कर विरोध दर्ज कराया गया। इस दौरान एआरटीओ तथा रोडवेज विभाग के अधिकारियों के साथ ऑपरेटरों की तीखी नोकझोंक भी हुई। प्रदर्शनकारी ऑपरेटरों का कहना था कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए उन्हें परमिट जारी किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर उन्हें बस संचालन की स्वतंत्रता नहीं मिल रही है। शहर में प्रवेश करते ही ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान किए जा रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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ग्राम परिवहन सेवा के संचालक विपिन गोयल ने बताया कि योजना के तहत जनपद में कुल 39 मिनी बसों के परमिट स्वीकृत किए गए थे, जिनमें वर्तमान में 22 बसों का संचालन किया जा रहा है। सभी ऑपरेटरों ने जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति की स्वीकृति के बाद रोडवेज विभाग में प्रति बस पांच हजार रुपये सुरक्षा राशि जमा कराई थी। इसके अलावा बस स्टैंड पर बस खड़ी करने के लिए प्रतिमाह 1500 रुपये भी दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बसों को गांवों और ब्लॉकों से जिला मुख्यालय तक संचालन की अनुमति होने के बावजूद शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा बसों के चालान काटे जा रहे हैं और उन्हें शहर के बाहर से ही संचालन करने का दबाव बनाया जा रहा है। ऑपरेटरों का दावा है कि कुछ बसों के एक से दो लाख रुपये तक के चालान किए जा चुके हैं।

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ऑपरेटरों के अनुसार, पुरकाजी, बुढ़ाना और खतौली क्षेत्र में संचालित बसों को एआरटीओ कार्यालय पर लाकर खड़ा कर दिया गया है। उनका कहना है कि बसों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल उपलब्ध नहीं कराया गया है और शहर के भीतर संचालन को लेकर स्पष्ट व्यवस्था भी नहीं है। बसों को वहलना चौक पर खड़ा करने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि चालक और परिचालक की व्यवस्था भी निजी ऑपरेटरों को स्वयं करनी पड़ रही है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि ग्राम परिवहन सेवा के लिए शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप बसों के संचालन की पूरी छूट दी जाए, काटे गए चालानों की समीक्षा कर राहत प्रदान की जाए तथा पार्किंग और संचालन संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक बसों का संचालन बंद रखा जाएगा। इस संबंध में परिवहन विभाग के अधिकारियों ने ऑपरेटरों की समस्याओं को सुनकर संबंधित स्तर पर समाधान का आश्वासन दिया है।

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