प्रेस वार्ता के दौरान सपा राष्ट्रीय सचिव ने सरकार पर किसानों, युवाओं और पिछड़े वर्गों की उपेक्षा का लगाया आरोप
मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने शनिवार को महावीर चौक स्थित पार्टी के जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों के कार्यकाल में महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ी हैं, जबकि रोजगार और किसानों की आय दोगुनी करने के वादे पूरे नहीं हुए।
राम आसरे विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई के कारण आम जनता का जीवन कठिन हो गया है। कुटीर उद्योग और छोटे व्यवसाय बंद होने से गरीब एवं मजदूर वर्ग आर्थिक संकट और भुखमरी की स्थिति का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा भी धरातल पर सफल नहीं हो सका। सपा नेता ने प्रदेश में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों (पीडीए) पर अत्याचार बढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन वर्गों के लोगों के साथ हत्या, उत्पीड़न और महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में हुए कथित फर्जी एनकाउंटरों, बुलडोजर कार्रवाई और पुलिस हिरासत में मौतों का सबसे अधिक असर पीडीए समाज पर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा समाज के युवाओं और महिलाओं के खिलाफ भी अपराध की कई घटनाएं हुई हैं, लेकिन दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उनका आरोप था कि सरकार के संरक्षण के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान विश्वकर्मा समाज के हित में शुरू की गई कई योजनाओं और सुविधाओं को भाजपा सरकार ने समाप्त कर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल योजना की भी आलोचना करते हुए कहा कि यह योजना समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा और बड़े पदों की ओर अग्रसर करने के बजाय केवल पारंपरिक रोजगार तक सीमित करती है।
प्रेस वार्ता में उन्होंने सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था के पालन को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में आरक्षित वर्गों के पदों पर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे पीडीए वर्ग के युवाओं को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं के निरस्त होने की घटनाओं को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। सपा नेता ने कहा कि भाजपा सरकार जनविरोधी नीतियों पर कार्य कर रही है, जिससे किसान, मजदूर, गरीब और युवा वर्ग प्रभावित हुआ है। उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे किसानों, गरीबों और पीडीए वर्ग के हितों को बेहतर संरक्षण मिल सकेगा। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष जिया चौधरी, पूर्व मंत्री राजकुमार यादव, डॉ. मोनिका सिंह, युधिष्ठिर पहलवान, धर्मेन्द्र नीटू, इलम सिंह गुर्जर, बॉबी त्यागी, गोल्डी अहलावत, मौलना नजर मौहम्मद, राशिद मलिक सहित पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
गुटबाजी के सवाल पर तिलमिलाए नेताजी, बोले-यहां मीडिया को दूसरा काम नहीं
सपा कार्यालय पर प्रेस वार्ता के दौरान जनपद में अखिलेश यादव के मिशन 2027 के तहत पीडीए पंचायत करने आये राष्ट्रीय सचिव राम आसरे विश्वकर्मा से जब पार्टी में अंदरूनी गुटबाजी और नेताओं के अलग गुटों के बारे में सवार किया गया तो वो तिलमिला गए, उन्होंने सवाल का सीधा जवाब दिये बिना कहा कि यहां पर मीडिया के पास कोई दूसरा सवाल नहीं है क्या?, सपा में कोई गुटबाजी नहीं है, जब उनसे पूछा गया कि उनके साथ ही पूरा संगठन, जनप्रतिनिधि एक साथ एक मंच या एक पिक्चर में नहीं है, पार्टी में संगठनात्मक स्तर पर अनुशासन नहीं है तो वो गरम हो गये।
हमने हरेन्द्र मलिक को पीसी में नहीं बुलाया, और अचानक पहुंचे हरेन्द्र मलिक

सपा राष्ट्रीय सचिव राम आसरे विश्वकर्मा ने जनपद में सपा संगठन में गुटबाजी या नेताओं के अलग अलग गुटों के सवाल को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने ही सांसद हरेन्द्र मलिक और विधायक पंकज मलिक को प्रेस वार्ता में नहीं बुलाया, क्योंकि उनका चरथावल में कार्यक्रम लगा हुआ था। वो यह बात स्वीकार कर रही रहे थे कि अचानक काली थार में सपा के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद हरेन्द्र मलिक सपा कार्यालय पर आ पहुंचे और प्रेस वार्ता में शामिल हुए।






