MUZAFFARNAGAR—आईजीएल के गडढ़े बने नासूर, डीएम से मिले सभासद

मुजफ्फरनगर। शहर में गैस पाइप लाइन डालने को लेकर काम कर रही आईजीएल ;इन्द्रप्रस्थ गैस लिमिटेडद्ध कंपनी द्वारा नगरपालिका परिषद् से किये गये अनुबंध के अनुसार करीब 7 करोड़ रुपये का भुगतान पालिका को किये जाने और पालिका द्वारा गैस कनेक्शन के लिए खोदे गये गडढों को भरने का टैण्डर निकाले जाने के बावजूद भी लोगों को नारकीय जीवन जीने को विवश होना पड़ा है। इस मामले में अज्ञात पत्र पर प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू कराते हुए विकास कार्य में अड़चन डालने का आरोप लगाते हुए अब सभासदों ने मोर्चा खोल दिया है। पहले मंडलायुक्त और आज जिलाधिकारी से मिलकर सभासदों ने विकास कार्य शुरू कराने की मांग की।

बता दें कि आईजीएल कंपनी के द्वारा खोदे गये गडढों को भरने के नाम पर कपनी द्वारा पालिका परिषद् को किये गये भुगतान को नियम विरु( बताते हुए एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह ने जांच शुरू कराई है। इसमें एसडीएम खतौली जांच कर रही हैं। जांच में भी पालिका को नियमों के विपरीत भुगतान किये जाने की बात कही जा रही है, जिस कारण पालिका द्वारा शुरू की गयी आईजीएल के गडढों को भरने की प्रक्रिया भी ठप हो गई और लोगों कोइ न गडढों के बीच ही नारकीय जीवन जीने को विवश होना पड़ रहा है। भाजपा सभासद राजीव शर्मा के नेतृत्व में पालिका के सभासदों ने इस मामले में विकास कार्य रुक जाने पर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने 16 जनवरी को सहरनपुर मंडल के कमिश्नर से मिलकर शिकायत की। मंडलायुक्त ने डीएम को मामले में संज्ञान लेने के निर्देश दिये हैं।

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इसके साथ ही गुरूवार को सभासद राजीव शर्मा दूसरे सभासदों के साथ डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी से मिले। उन्होंने डीएम को दिये प्रार्थना पत्र में बताया कि आईजीएल के द्वारा नगरीय क्षेत्र में गैस पाइप लाइन डालने के लिए नगर पालिका परिषद् से पीडब्ल्यूडी के नियमों के अनुसार रोड कटिंग का शुल्क जमा कराने का अनुबंध किया था। यह अनुबंध 22 जुलाई को हुआ। इसमें रेस्टोरेशन चार्ज प्रति फुट के लिए पालिका के शैडयूल रेट पर देने पर सहमति बनी थी। आईजीएल ने तीन बार आॅनलाइन बैकिंग ट्रांजक्शन के माध्यम से पालिका के बैंक खाते में 6 करोड़ 75 लाख 99 हजार 726 रुपये की राशि भेजी। इसमें कोई धांधली नहीं है, क्योंकि पैसा बैंक खाते में आया है। इसके बाद पालिका ने पैसा आने पर गडढों को भरवाने के लिए टैण्डर प्रक्रिया शुरू कराई और टैण्डर खुल भी गए, जनता को भरोसा जगा था कि अब गडढ़ों से निजात मिल जायेगी, लेकिन अज्ञात पत्र पर जांच के हवाले से सारा काम रुकवा दिया गया। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में लोकसभा चुनाव के कारण आचार संहिता लग जायेगी। ऐसे में काम नहीं हुए तो भाजपा की छवि धूमिल होगी। डीएम से तत्काल अनुमति देने की मांग की गयी है। इस दौरान सभासद रविकांत शर्मा, अन्नू कुरैशी, नौशाद पहलवान, मोहित मलिक, अर्जुन कुमार, हनी पाल आदि भी साथ रहे। 

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