कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद डीएम उमेश मिश्रा से मिले, जांच दूसरे थाने को सौंपने और पुलिस रिमांड की उठाई मांग
मुजफ्फरनगर। करीब डेढ़ माह से लापता किशोर हुजैफा उर्फ मन्नू की बरामदगी न होने से नाराज परिजनों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद परिजनों ने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से उनके कार्यालय में मुलाकात कर अपनी पीड़ा सुनाई और ज्ञापन सौंपते हुए किशोर की सकुशल बरामदगी तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
हुजैफा के पिता मुमताज अहमद पुत्र मुश्ताक अहमद निवासी योगेन्द्रपुरी ने बताया कि 15 मई 2026 को 17 वर्षीय हुजैफा उर्फ मन्नू को तीन युवक अबुजर पुत्र रडीरा, सुहैल उर्फ रिहान पुत्र असलम व आहद पुत्र यामीन निवासीगण बबली बर्फ खाने के पास मौहल्ला रामपुरम दक्षिणी खालापार उसकी दुकान से नहर पर नहाने के लिए ले गए थे। शाम को वे उसकी मोटरसाइकिल लेकर लौटे और परिवार को बताया कि हुजैफा नहर में डूब गया है।
इस संबंध में थाना सिखेड़ा में मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन अब तक किशोर का कोई सुराग नहीं मिल सका। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि घटना के समय पुलिस ने विशेषज्ञ गोताखोरों और डॉग स्क्वायड की समय पर सहायता नहीं ली, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने का अवसर हाथ से निकल गया। परिजनों का आरोप है कि नामजद आरोपी पहले से ही हुजैफा से रंजिश रखते थे और उन्हें संदेह है कि किशोर की हत्या कर शव को छिपाया गया है। उनका यह भी कहना है कि आरोपियों से गहन पूछताछ नहीं की गई, जिससे घटना का खुलासा नहीं हो सका।
परिजनों ने बताया कि मामले में सिखेडा थाने में मुकदमा तो दर्ज किया गया, लेकिन कोई कार्रवाई पुलिस नहीं कर रही है। जिलाधिकारी से मांग की कि मामले की विवेचना थाना सिखेड़ा से हटाकर किसी अन्य थाने या स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए। साथ ही जेल में बंद आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कराई जाए, ताकि मामले का जल्द खुलासा हो सके। जिलाधिकारी ने परिजनों की बात सुनते हुए प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।





