दो मिनट के अंतराल में हुआ दोनों बेटों का जन्म, मां ने माना भगवान शिव का आशीर्वाद, नाम रखे गणेश और कार्तिकेय, सात माह की गर्भावस्था में अकेले ही गंगाजल लेकर आ रही थी नेहा, जिला महिला चिकित्सालय में हुआ सामान्य प्रसव
मुजफ्फरनगर। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था और मातृत्व का अनूठा संगम देखने को मिला। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रही एक गर्भवती कांवड़िया को रास्ते में प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उसने जुड़वा बेटों को जन्म दिया। समय से पहले जन्म लेने के कारण दोनों नवजातों को सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके चलते उन्हें विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती किया गया। चिकित्सकों की देखरेख में फिलहाल मां और दोनों बच्चों की स्थिति सामान्य बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार पिलखुआ निवासी 30 वर्षीय नेहा पत्नी अनुराग सावन के पहले सोमवार की सुबह कांवड़ यात्रा में भगवान शिव की कृपा एक महिला कांवड़िया पर हुई। हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रही थीं। सुबह करीब 9.15 बजे अचानक उन्हें तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। साथ चल रही एक महिला कांवड़िया उन्हें तत्काल जिला महिला चिकित्सालय की इमरजेंसी लेकर पहुंची। जांच में चिकित्सकों ने पाया कि नेहा सात माह की गर्भवती हैं और समय से पहले प्रसव शुरू हो चुका है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें लेबर रूम में भर्ती किया गया।

सीएमएस डॉ. मुरली भास्कर के अनुसार सोमवार की सुबह 11.19 बजे नेहा ने पहले पुत्र को जन्म दिया, जबकि दो मिनट बाद 11.21 बजे दूसरे पुत्र का जन्म हुआ। दोनों बच्चों का सामान्य प्रसव हुआ, लेकिन समय से पूर्व जन्म लेने के कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई। चिकित्सकों ने तत्काल दोनों नवजातों को एसएनसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में दोनों बच्चों की हालत अब सामान्य बताई जा रही है। प्रसूता नेहा का स्वास्थ्य भी स्थिर है।
सीएमएस डॉ. मुरली भास्कर ने बताया कि प्रसूता नेहा ने इसको भगवान शिव का आशीर्वाद मानते हुए अपने दोनों नवजात बेटों का नामकरण भी खुद किया और महिला ने इन बच्चों का गणेश और कार्तिकेय रखा है। उन्होंने बताया कि महिला के पति अनुराग से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद मिला। इसके बाद महिला द्वारा उपलब्ध कराए गए उनकी बहन के मोबाइल नंबर पर संपर्क स्थापित हुआ। बहन मेरठ के आसपास की निवासी है और परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार नेहा अकेले ही हरिद्वार से कांवड़ यात्रा कर रही थीं और गंगाजल लेकर लौट रही थीं। फिलहाल जिला महिला चिकित्सालय में मां और दोनों नवजातों की चिकित्सकीय निगरानी में देखभाल की जा रही है।
एसएसपी ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल, नवजातों को दिए उपहार, मां का फल
मुजफ्फरनगर। महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मुरली ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान महिला श्रद्धालु के प्रसव की सूचना तत्काल पुलिस और प्रशासन को दी गई थी। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा जिला महिला चिकित्सालय पहुंचे।

एसएसपी ने स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती दोनों नवजात शिशुओं और उनकी मां से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने परिवार को शुभकामनाएं दीं तथा दोनों बच्चों के लिए उपहार भी भेंट किए, इसके साथ ही मां के लिए फल भी लेकर पहुंचे। उन्होंने सीएमएस डॉ. मुरली से भी मुलाकात करते हुए पूरी जानकारी ली। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मां और दोनों नवजात चिकित्सकीय निगरानी में हैं तथा उनकी स्थिति सामान्य है।
