मां ने लगाया 15 वर्षीय बेटी को बेचने का आरोप, शादी के लिए गांव घटायन के मनीष ने दो लाख में खरीदी किशोरी
मुजफ्फरनगर। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 15 वर्षीय किशोरी को बेचने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, किशोरी की मां ने आर्थिक तंगी के चलते बेटी का सौदा किया और बाद में रकम पूरी नहीं मिलने पर अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज करा दी। जांच के दौरान किशोरी को सकुशल बरामद कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें किशोरी की मां भी शामिल है, सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि पांच जुलाई को सहस्रधारा रोड क्षेत्र निवासी एक महिला ने अपनी 15 वर्षीय बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। राजपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस मुजफ्फरनगर पहुंची, जहां से जानसठ क्षेत्र के घटायन गांव निवासी मनीष कुमार और मेरठ के फलावदा क्षेत्र के नांगोरी गांव निवासी लवी कुमार को गिरफ्तार किया गया। यहां पर मनीष के कब्जे से किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया गया।
पूछताछ में मेरठ के निवासी आरोपी लवी कुमार ने पुलिस को बताया कि उसने मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के कूकड़ा मंडी निवासी पिंकी मलिक के माध्यम से किशोरी को डेढ़ लाख रुपये में खरीदा था। बाद में उसे दो लाख रुपये में मुजफ्फरनगर के गांव घटायन निवासी मनीष कुमार को बेच दिया। पुलिस के अनुसार, मनीष की शादी नहीं हो रही थी और उसने किशोरी को शादी के उद्देश्य से लवी से खरीदा था, मनीष ने पूरी रकम लवी को दे दी थी। लवी और मनीष की गिरफ्तारी होने पर जांच के बाद पुलिस ने पिंकी मलिक और किशोरी की मां को भी गिरफ्तार कर लिया।
उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि पूछताछ में किशोरी की मां ने आर्थिक तंगी के चलते बेटी का सौदा करने की बात स्वीकार की है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। एसएसपी देहरादून के अनुसार प्रकरण में पुलिस जांच में सामने आया कि किशोरी की मां से मुजफ्फरनगर के पिंकी मलिक ने उसकी बेटी की खरीद का सौदा डेढ़ लाख में तय किया गया था, पिंकी ने देहरादून से किशोरी को लाकर मेरठ के लवी कुमार को डेढ़ लाख रुपये में ही बेचा और लवी ने किशोरी को मुजफ्फरनगर के मनीष को दो लाख रुपये में बेच दिया। पुलिस के अनुसार किशोरी की मां ने बताया कि उसको तय रकम डेढ़ लाख रुपये में से केवल 80 हजार रुपये ही दिए गए थे। बाकी 70 हजार रुपये बाद में देने की बात कही गई थी। आरोप है कि जब शेष रकम नहीं मिली तो महिला ने बेटी के अपहरण की झूठी कहानी बनाकर पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी और पुलिस जांच में मां द्वारा ही अपनी बेटी का सौदा किए जाने की अमानवीय घटना का खुलासा हुआ।
