कृष्णपाल हत्याकांडः जिस भाई की जीत में लगा दी जान, उसी का किया कत्ल

कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने नूरनगर गांव में भाईयों के खूनी संघर्ष पर की भावुक पोस्ट

बोले- मेरे पहले चुनाव के दौरान दीपचंद ने छोटे भाई को लड़वाया था गन्ना समिति का चुनाव, समय का फेर कब रिश्तों को रंजिश में बदल दे, कोई नहीं जानता

मुजफ्फरनगर। पुरकाजी क्षेत्र के नूरनगर गांव में संपत्ति विवाद के चलते दो सगे भाइयों के बीच सोमवार की शाम हुए खूनी संघर्ष में गन्ना समिति के पूर्व संचालक कृष्णपाल की हत्या ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक घटना पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए गंभीर चेतावनी बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए रिश्तों में बढ़ती दूरियों और संवादहीनता पर चिंता जताई तथा परिवारों से विवादों का समाधान आपसी बातचीत और बुजुर्गों की मध्यस्थता से करने की अपील की।

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कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि नूरनगर का यह परिवार पिछले करीब 20 वर्षों से उनके बेहद करीब रहा है। उन्होंने वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय बड़े भाई दीपचंद ने ही कृष्णपाल को तितावी गन्ना समिति का चेयरमैन बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। दोनों भाइयों के बीच उस दौर में इतना गहरा विश्वास और स्नेह था कि उनकी मिसाल दी जाती थी, लेकिन समय के साथ परिस्थितियां इस कदर बदल गईं कि संपत्ति विवाद ने रिश्ते को खून-खराबे में बदल दिया।

मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अक्सर छोटे-छोटे पारिवारिक विवाद समय रहते बातचीत और समझदारी से नहीं सुलझ पाते। अहंकार, आवेश और जिद ऐसे विवादों को उस मोड़ तक पहुंचा देते हैं, जहां रिश्ते हमेशा के लिए टूट जाते हैं और कई बार किसी अपने की जान तक चली जाती है। उन्होंने कहा कि जिस जमीन-जायदाद और हिस्सेदारी के लिए लोग संघर्ष करते हैं, वह न किसी के साथ आई है और न ही किसी के साथ जाएगी, लेकिन एक बार खोया हुआ अपना कभी वापस नहीं लौटता। उन्होंने परिवारों से अपील की कि किसी भी विवाद को अदालत, हथियार या हिंसा तक पहुंचने से पहले परिवार के बुजुर्गों, समाज के सम्मानित लोगों और आपसी संवाद के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जाए। उनका कहना था कि एक पल का क्रोध पूरे परिवार की खुशियां जीवनभर के लिए छीन सकता है।

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कैबिनेट मंत्री और पुरकाजी से रालोद विधायक अनिल कुमार ने दिवंगत कृष्णपाल की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र चलने के कारण वह लखनऊ में थे, इसलिए इस दुखद घड़ी में व्यक्तिगत रूप से नूरनगर पहुंचकर परिवार के बीच उपस्थित नहीं हो सके, जिसका उन्हें गहरा खेद है। मंत्री की यह भावुक टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं, कृष्णपाल हत्याकांड को लेकर क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। घटना ने एक बार फिर पारिवारिक संपत्ति विवादों के बढ़ते दुष्परिणामों और रिश्तों में संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर गंभीर बहस छेड़ दी है।

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