मुजफ्फरनगर-12वीं के छात्र ने की आत्महत्या, बंद कमरे से पुलिस ने निकाला शव

मृतक के दादा वीरपाल से भी पूछताछ की गई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

दादा-दादी के साथ गांव जडौदा में रहकर कर रहा था पढ़ाई, माता-पिता दिल्ली में रहते हैं, पुलिस को नहीं मिला कोई सुसाइड नोट

मुजफ्फरनगर। जनपद के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव जड़ौदा में शुक्रवार सुबह एक 17 वर्षीय इंटरमीडिएट के छात्र द्वारा कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या किए जाने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के समय छात्र घर के एक कमरे में अकेला था। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर छात्र को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पुलिस आत्महत्या के कारणों की गहन जांच में जुटी है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान दिव्यांश (17) पुत्र पुष्पेंद्र चौधरी निवासी गांव जड़ौदा के रूप में हुई है। दिव्यांश गांव में अपने दादा-दादी के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था, जबकि उसके माता-पिता दिल्ली में रहते हैं। वह कक्षा 12 का छात्र था। थाना प्रभारी विपिन कुमार त्यागी ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे सूचना मिली कि दिव्यांश ने अपने घेर में बने बंद कमरे के भीतर कथित अवैध .315 बोर तमंचे से अपनी कनपटी पर गोली मार ली है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पुलिस ने उसे तोड़कर छात्र को बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल भिजवाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

इसे भी पढ़ें:  आईएमए चेयरमैन डॉ. सुनील चौधरी को दिल्ली से आई खौफनाक कॉल!

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गुरुवार रात दिव्यांश सामान्य रूप से परिवार के साथ खाना खाने के बाद गुरूवार की रात्रि को अपने कमरे में सोने चला गया था। शुक्रवार सुबह अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर दादा-दादी उसके कमरे की ओर दौड़े। दरवाजा अंदर से बंद होने पर आसपास के लोगों की मदद ली गई, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा और घायल अवस्था में छात्र को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से अब तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। मृतक के दादा वीरपाल से भी पूछताछ की गई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया गया है। घटना की सूचना दिल्ली में रह रहे मृतक के माता-पिता को भी दे दी गई है। उनके गांव पहुंचने के बाद परिवार में मातम का माहौल और गहरा गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है।

इसे भी पढ़ें:  MUZAFFARNAGAR-पालिका में 800 नामांतरण पत्रावलियों का निस्तारण

मोबाइल फोन ज्यादा चलाने पर पिता की डांट बनी कारण

गांव जडौदा में आवेश में आकर अपनी जान गवां देने वाले किशोर की मौत का कारण पिता की डांट फटकार को माना जा रहा है। पुलिस और परिजनों के अनुसार प्रारम्भिक तौर पर की गई जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि दिव्यांश के पिता उसकी शिक्षा को लेकर ज्यादा गंभीर थे और वो अक्सर गांव में आकर उसकी पढ़ाई और आचरण के बारे में ही पूछताछ करते और अक्सर डांटते रहते थे। बताया गया कि दिव्यांश के पिता पुष्पेन्द्र ने गुरूवार को भी उसको फोन ज्यादा चलाने और अक्सर फोन में ही लगे रहने की शिकायत पर गंभीर रूप से डांट लगाई थी। दिव्यांश के दादा ने पुलिस को बताया कि इसी से क्षुब्ध दिव्यांश ने दिन में अपना मोबाइल फोन भी तोड़ दिया था। उसको समझाया गया था, लेकिन वो नाराज ही दिखाई दे रहा था। दादा वीरपाल ने बताया कि उनको नहीं पता था कि यह एक डांट और गुस्सा दिव्यांश को इतना गंभीर निर्णय लेने के लिए विवश कर देगा। उनका रो रोकर बुरा हाल है। इंस्पेक्टर मंसूरपुर विपिन त्यागी ने बताया कि अभी पुलिस को यही जानकारी मिली है कि पिता की डांट से क्षुब्ध होकर ही छात्र दिव्यांश ने यह आत्मघाती कदम उठाया है, हालांकि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर-किरायेदार-नौकर का सत्यापन शुरू, एसपी ने घरों पर पहुंचकर खुद जुटाई जानकारी
Share This Article