रॉयल गार्डन में आयोजित सद्भावना समारोह में एकता और भाईचारे का संदेश देते विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि।

खतौली सद्भावना समारोह में सर्वधर्म गुरुओं ने दिया भाईचारे का संदेश

कौमी एकता कमेटी के आयोजन में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म के प्रतिनिधियों ने सामाजिक एकता को देश की प्रगति के लिए जरूरी बताया।

खतौली। खतौली सद्भावना समारोह में रविवार को विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि एक मंच पर जुटे और लोगों से प्रेम, शांति तथा भाईचारे के साथ रहने की अपील की। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में कौमी एकता कमेटी ने बुढ़ाना रोड स्थित रॉयल गार्डन में आयोजन किया। कार्यक्रम में पंजाब के शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी मुख्य अतिथि रहे।

स्वतंत्रता दिवस पर हुआ आयोजन

कौमी एकता कमेटी के तत्वावधान में रविवार, 16 अगस्त को आयोजित समारोह की जिम्मेदारी खतौली के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रहे दिवंगत काजी जमील अहमद के पुत्र काजी आदिल अहमद और काजी नबील अहमद ने संभाली।

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मुख्य अतिथि मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी के खतौली पहुंचने पर विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर कौमी एकता कमेटी के पदाधिकारियों ने भी अतिथियों का अभिनंदन किया।

खतौली सद्भावना समारोह में एक मंच पर आए धर्मगुरु

समारोह में आर्य समाज प्रचारक आचार्य कुंवरपाल शास्त्री, सीएनआई एपिफेनी चर्च मिशन कंपाउंड के पादरी सुशील कुमार और गुरुद्वारा सिंह सभा खतौली के मुख्य ग्रंथी एवं उपदेशक जनक सिंह ने विचार रखे।

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मौलाना साद खानजहांपुरी और जानसठ के शिया समुदाय से जुड़े वक्ता रोशन अब्बास ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि सभी धर्म प्रेम, शांति, करुणा और इंसानियत की शिक्षा देते हैं। देश की मजबूती और प्रगति के लिए अलग-अलग समुदायों के बीच संवाद, सम्मान और भाईचारा आवश्यक है।

धर्मगुरुओं ने लोगों से धार्मिक और सामाजिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

विभिन्न समुदायों के लोगों ने लिया हिस्सा

समारोह में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। कौमी एकता कमेटी के संरक्षक सत्येंद्र आर्य और अध्यक्ष अशोक शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने धर्मगुरुओं एवं अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया।

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आयोजकों ने कार्यक्रम को खतौली की साझा संस्कृति और गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक बताया। समारोह का मुख्य केंद्र आपसी प्रेम, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश रहा। उपस्थित लोगों से रोजमर्रा के जीवन में संवाद, परस्पर सम्मान और भाईचारा बनाए रखने की अपील के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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