वेब सीरीज ‘फर्जी देखकर नकली नोट छापकर बाजार में उतारने लगे थे आरोपी, बुढ़ाना पुलिस ने 5.26 लाख रुपये की जाली करेंसी की बरामद, दिल्ली तक छापा
मुजफ्फरनगर। नकली नोट छापकर बाजार में चलाने के कथित कारोबार का खुलासा करते हुए बुढ़ाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और दिल्ली के नरेला स्थित एक फ्लैट की तलाशी के दौरान पुलिस ने 500-500 रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। मौके से नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, कागज और रासायनिक सामग्री भी बरामद की गई है। इन आरोपियों के पास से कुल 5 लाख 26 हजार 500 रुपये कीमत के जाली नोट बरामद किए गए हैं।
गुरुवार को पुलिस लाइन स्थित सभाकक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी सूरज कुमार राय ने कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए बताया कि बुढ़ाना प्रभारी निरीक्षक सुभाष अत्री के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नकली करेंसी की बड़ी खेप पकड़ी है। इसमें तीन युवकों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम पुत्र रण सिंह निवासी ग्राम सांकरौद थाना खेकड़ा जनपद बागपत, हाल निवासी नरेला दिल्ली, महेन्द्र पुत्र आसाराम निवासी ग्राम कनौठा थाना सतपुली जनपद पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड और टीनू पुत्र सुमित निवासी ग्राम दौलतपुर थाना सरधना जनपद मेरठ के रूप में हुई है।
एसएसपी सूरज राय ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान बुढ़ाना में ही उनके कब्जे से पुलिस टीम ने तलाशी में चार लाख रुपये कीमत के नकली नोट बरामद किए गए थे। इसके बाद दिल्ली के नरेला स्थित शुभम के फ्लैट की तलाशी ली गई, जहां से एक लाख 26 हजार 500 रुपये के अतिरिक्त नकली नोट मिले। दोनों स्थानों से बरामद जाली करेंसी की कुल कीमत 5 लाख 26 हजार 500 रुपये बताई गई है। सभी नोट 500 रुपये कीमत के हैं।
पुलिस के मुताबिक, नकली नोटों के साथ एक लैपटॉप, रंगीन प्रिंटर, कॉटन पेपर और बटर पेपर के बंडल, रंगीन पन्नी के रोल तथा नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले पांच फर्मे बरामद किए गए हैं। इसके अलावा प्रिंटर की स्याही की चार डिब्बियां, तीन फेवी स्टिक, दो पेपर कटर, एक बोतल स्टेनर, फेविकोल की दो डिब्बियां, स्क्रीन कोटिंग रसायन की दो डिब्बियां और अन्य रासायनिक सामग्री भी मिली है। एसएसपी के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का कथित मुख्य आरोपी शुभम दिल्ली के नरेला स्थित अपने फ्लैट में नकली नोट तैयार करता था। पुलिस के मुताबिक, शुभम ने पूछताछ में बताया कि ‘फर्जी’ नाम की वेब सीरीज देखने के बाद उसके मन में नकली नोट छापकर जल्दी पैसा कमाने का विचार आया। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कथित तौर पर नकली नोट तैयार करने शुरू कर दिए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कितनी मात्रा में नकली नोट तैयार किए और उन्हें बाजार में चलाने के लिए किन लोगों से संपर्क किया था।
