नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की निगाहें भारत पर टिकीं

इस्लामाबाद। एक तरफ आतंकवाद से लड़ाई और दूसरी तरफ गंभीर नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की हालत कुछ ठीक नहीं है। ऐसे में पड़ोसी देश ने भारत के साथ व्यापार संबंधों को बढ़ाने की बात कही है। विदेश मंत्री इशाक डार के बयान से संकेत मिल रहा है कि पाकिस्तान अब भारत के प्रति राजनयिक रुख में बदलाव चाहता है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच अगस्त 2019 से व्यापार संबंध रुके हुए हैं। डार ने कहा कि इन संबंधों को बहाल करने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। डार ने ब्रुसेल्स में परमाणु ऊर्जा शिखर सम्मेलन में भाग लिया और इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बातें बताई। उन्होंने भारत के साथ व्यापार गतिविधियों को शुरू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कारोबारी भारत के साथ फिर से व्यापार शुरू करना चाहते हैं। डार के अनुसार पाकिस्तान भारत के साथ व्यापार संबंध बहाल करने पर गंभीरता से विचार करेगा।

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जिस तरह से इशाक डार ने भारत के साथ व्यापार संबंधों को बहाल करने पर टिप्पणी की, उससे साफ है कि पाकिस्तान भारत के प्रति राजनयिक रुख में बदलाव का संकेत दे रहा है। दरअसल भारत सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने राजनयिक संबंधों को कम कर दिया। उधर जम्मू-कश्मीर पर भारत पहले ही अपना रुख साफ कर चुका है। भारत कह चुका है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश देश के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से थे।

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पीएम मोदी ने दी थी शहबाज शरीफ को बधाई

हाल ही में, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर शहबाज शरीफ को पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी थी। शरीफ ने भी एक्स पर अपनी पोस्ट में पीएम मोदी को धन्यवाद कहा था। शरीफ के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार आठ फरवरी के चुनावों के बाद सत्ता में आई। अपने कार्यकाल के शुरुआत में ही शहबाज शरीफ के सामने गिरती अर्थव्यवस्था एक बड़ी चुनौती है।

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