मुजफ्फरनगर-अफसरों की अनदेखी से नाराज किसानों ने घेरा विकास भवन

भाकियू जिलाध्यक्ष के साथ किसानों ने सीडीओ कार्यालय पर दिया धरना, चार दिन का आश्वासन मिलने पर खत्म हुआ धरना

मुजफ्फरनगर। किसानों की समस्याओं पर प्रशासन की सुस्ती आखिरकार उनके सब्र का बांध तोड़ रही है। एक गांव में विद्युत ट्रांसफार्मर न लग पाने की वजह से नाराज़ किसानों ने मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में विकास भवन का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने सीडीओ कार्यालय के बाहर ही धरना देकर पंचायत की और आरोप लगाये कि समस्या के समाधान के लिए विधायक निधि से पैसा जारी करने की संस्तुति के कई माह बाद भी विभाग पैसा नहीं देर रहा है, जिससे समस्या जस की तस बनी है।
बता दें कि गाँवों में लंबे समय से ट्रांसफार्मर बदलने और लगाने की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना था कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग के अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे। समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि बिजली आपूर्ति ठप पड़ने से किसानों और ग्रामीणों को अनेक प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

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भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी के नेतृत्व में सैंकड़ों किसान मंगलवार को विकास भवन पहुंचे और सीडीओ कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गये। नवीन राठी ने बताया कि बुढ़ाना क्षेत्र के गांव अलीपुर अटेरना में एक विद्युत ट्रांसफार्मर काफी समय से स्थाई तौर पर ट्रॉली पर रखा हुआ है। कई माह से ग्रामीण और किसान इसको पक्के प्लेटफार्म पर शिफ्ट कराने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए भाकियू नेताओं ने बुढ़ाना विधायक राजपाल बालियान से मिलकर समाधान की मांग की। विधायक राजपाल बालियान ने इस कार्य के लिए अपनी निधि से 2.50 लाख रुपये जारी कर कार्य कराने की संस्तुति डीआरडीओ को भेज दी थी। करीब चार माह बीत जाने के बावजूद विभागीय उदासीनता और तकनीकी कारणों का हवाला देकर अब तक फंड जारी नहीं किया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर किसानों की परेशानी को नज़रअंदाज़ कर रहा है।
समस्या का समाधान नहीं होने पर मंलवार को सैंकड़ों किसानों ने विकास भवन पहुंचकर घेराव और प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों के धरना-प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशमुख मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। उन्होंने माना कि तकनीकी कारणों से फंड अटका हुआ था, लेकिन अब समस्या का समाधान कर दिया जायेगा। सीडीओ ने भरोसा दिलाया कि चार दिनों में पैसा जारी करा दिया जायेगा और किसानों को परेशान नहीं किया जाएगा। भाकियू के जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने सीडीओ से साफ कहा कि यदि चार दिन के भीतर ट्रांसफार्मर लगाने का काम शुरू नहीं हुआ, तो संगठन भारी संख्या में किसानों के साथ पुनः धरना देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगली बार आंदोलन और भी बड़ा होगा। सीडीओ के आश्वासन और चार दिन की मोहलत मांगने पर किसानों ने फिलहाल धरना समाप्त कर दिया।

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