यूनियन नेताओं की शिकायत लेकर सिसौली पहुंचे हिंदू संगठनों के पदाधिकारी, चौधरी नरेश टिकैत से मिलकर की कार्रवाई की मांग
मुजफ्फरनगर। फर्जी अस्पतालों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच हिंदू संघर्ष समिति से जुड़े कई हिंदू संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में सिसौली पहुंचे और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने फर्जी अस्पतालों के संबंध में भारतीय किसान यूनियन के कुछ पदाधिकारियों द्वारा कथित रूप से सिफारिश किए जाने की शिकायत रखते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हिंदू संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने चौधरी नरेश टिकैत के समक्ष आरोप लगाया कि फर्जी तरीके से संचालित अस्पतालों के मामलों में कुछ लोगों द्वारा हस्तक्षेप और सिफारिश किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस संबंध में संगठन के पदाधिकारियों ने ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार के दबाव या अनुचित हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौधरी नरेश टिकैत ने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से फोन पर वार्ता की। बताया गया कि उन्होंने फर्जी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा किसी भी गलत सिफारिश या दबाव को स्वीकार न करने की बात कही। उन्होंने प्रशासन से मामले में निष्पक्षता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपेक्षा की।
गौरतलब है कि विगत दिनों भोकरहेड़ी क्षेत्र की एक गर्भवती महिला की इंडियन हॉस्पिटल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलने पर रात के समय भारतीय किसान यूनियन और हिंदू संगठनों से जुड़े पदाधिकारी मौके पर पहुंचे थे, जहां हंगामे की स्थिति बन गई थी। बाद में मृतका के परिजनों द्वारा कार्रवाई न कराने की बात कहे जाने की जानकारी सामने आई थी।
इसके पश्चात स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल की जांच करते हुए ऑपरेशन कक्ष को सील कर दिया था तथा संबंधित चिकित्सक की प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की गई थी। इसी कार्रवाई के बाद मामला विवादों में आ गया। हिंदू संघर्ष समिति की ओर से आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों ने मामले में समझौता कराने का प्रयास किया और कथित लेन-देन की भी शिकायत सामने आई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। हिंदू संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र उर्फ साधु गुर्जर ने इस मामले को लेकर बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भी मुलाकात की थी। इसके बाद संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने सिसौली पहुंचकर चौधरी नरेश टिकैत से पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की और ऐसे मामलों में संगठन के नाम पर कथित रूप से हस्तक्षेप करने वाले लोगों पर अंकुश लगाने की मांग की।
