अंकित बालियान हत्याकांड के कथित आरोपियों की मुठभेड़ में मौत की स्वतंत्र जांच की मांग पर जिलाधिकारी को 13 नवंबर तक रिपोर्ट देने के निर्देश
शामली। शामली में अंकित बालियान हत्याकांड के कथित आरोपियों मोहित और सुमित की पुलिस मुठभेड़ में हुई मृत्यु के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए शामली के जिलाधिकारी आलोक यादव से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। यह कार्रवाई आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर द्वारा मुठभेड़ की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग को लेकर दायर शिकायत पर की गई है।
आयोग ने जिलाधिकारी से 13 नवंबर 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 नवंबर 2026 की तिथि निर्धारित की गई है। आयोग ने अपने आदेश में 31 अगस्त को शामली के पुलिस अधीक्षक द्वारा भेजी गई रेडियोग्राम, फैक्स अथवा ई-मेल सूचना का अवलोकन किए जाने का भी उल्लेख किया है।
बताया गया है कि अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल बताए गए हरियाणा निवासी दो कथित शूटरों सुमित और मोहित को शामली पुलिस, विशेष कार्य बल और विशेष कार्य दल की संयुक्त टीम ने शामली के औद्योगिक क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था। इस कार्रवाई में पुलिस के दो सिपाहियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई थी। मुठभेड़ की घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठाए गए हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले में सवाल खड़े करते हुए जांच की मांग की है।
गत दो सितंबर को अंकित बालियान की रस्म तेरहवीं के कार्यक्रम में बंतीखेड़ा पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने भी पुलिस मुठभेड़ को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि वह मुठभेड़ में शामिल रहे पुलिसकर्मियों से मिलकर कुछ सवालों के जवाब जानना चाहते हैं। उनका कहना था कि अंकित बालियान हत्याकांड के घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर के दायरे में मुठभेड़ होने की बात सहज रूप से समझ में नहीं आ रही है।
वहीं, दूसरी ओर अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे दो अन्य कथित शूटरों आर्यन संधू और सत्यम कादियान के फरार होने पर पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम की राशि बढ़ा दी है। दोनों आरोपियों पर अब एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। मानवाधिकार आयोग द्वारा रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद अब इस पूरे प्रकरण पर प्रशासन की ओर से प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट पर भी नजर रहेगी।
