पकड़ा, पीटा और उठाकर पटक दिया-दो अधिवक्ता भाइयों के खिलाफ मुकदमा

शिया समाज की संस्था में वर्चस्व और गांव में भूमि को लेकर विवाद की रंजिश में हमले का आरोप, पुलिस कार्यवाही में जुटी

मुजफ्फरनगर। शहर में चर्चित बन चुके एक हमले के मामले ने कानून के रखवालों पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। जिला कचहरी में अपनी वकालत के पेशे के कारण एक खास पहचान रखने वाले दो वरिष्ठ अधिवक्ता भाइयों पर आरोप है कि उन्होंने अपने ही पड़ोसी पर घर के बाहर रात में उस समय हमला कर दिया, जबकि वो फोन पर बात करते हुए टहल रहे थे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें आरोपितों को पड़ोसी को उठाकर जमीन पर पटकते हुए देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि शिया समाज की एक संस्था में वर्चस्व की लड़ाई और गांव में भूमि विवाद की पुरानी रंजिश इस हमले की जड़ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अधिवक्ता भाइयों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही का कारण बना यह प्रकरण 3 नवम्बर की रात का बताया गया है। इस मामले से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें दो लोग सड़क पर फोन पर बात करते हुए घूम रहे एक व्यक्ति से हाथापाई करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसमें एक हमलावर व्यक्ति ने पीड़ित को बाहों में भरकर दो बार जमीन पर पटका, इस वीडियो के वायरल होने के बाद जनपद में नई हलचल मच गई, क्योंकि वीडियो में जो दो व्यक्ति हमलावर बताये जा रहे हैं, वो एक प्रतिष्ठित परिवार के सदस्य होने के साथ ही वकालत के सम्मानजनक पेशे से भी जुड़े हुए हैं।

इस प्रकरण में पीड़ित मशहद रजा उर्फ नदीम जैदी पुत्र नजर मौहम्मद जैदी एडवोकेट निवासी नजर कालोनी अंसारी रोड ने वरिष्ठ अधिवक्ता नासिर अली के दो पुत्रों अमजद अली एडवोकेट और फिरोज अली एडवोकेट निवासी नजर कालोनी के खिलाफ पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर पुलिस ने दोनों अधिवक्ता भाइयों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मशहद ने सिविल लाइन थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया कि 3 नवम्बर को करीब नौ बजे उनके पास उनके भाई शाजी रजा का फोन कॉल आया था, उस समय मशहद नजर कालोनी में ही अपने पडौसी शबीह मुस्तफा एडवोकेट की बैठक में आबाद हुसैन के साथ बेठे हुए थे। मशहद फोन पर बात करते हुए बैठक से बाहर निकले और गली में ही टहलने लगे। आरोप है कि इसी बीच अमजद अली और फिरोज अली अपने घर से बाहर आये और मशहद रजा पर हमला कर दिया। मारपीट के साथ ही गाली गलौच और धमकी देने के भी आरोप लगाये। सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर अमजद और फिरोज के खिलाफ बीएनएस की धारा 115-2, 351-3, 352 और 131 के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि अमजद अली और मशहद रजा के बीच आर्य समाज रोड पर शिया समाज की धार्मिक संस्था सादात हॉस्टल की प्रबंध समिति अंजुमन सादात-ए-बाहरा में वर्चस्व को लेकर खींचतान चल रही है। इस संस्था की प्रबंध समिति में अमजद अली अध्यक्ष रहे। जबकि अब नई कमेटी में मशहद को चुना गया है। इस नई कमेटी के चुनाव को लेकर दो गुट बन गये हैं। इसी को लेकर अमजद अली ने कोर्ट में वाद भी दायर कर रखा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी विवाद को लेकर जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

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गांव में जमींदारा-भूमि को लेकर दोनों के बीच चल रहा विवाद
मुजफ्फरनगर। अमजद अली और मशहद अली शहर में नजर कालोनी में तो पड़ौसी हैं, साथ ही वो एक ही गांव के मूल निवासी भी हैं। भोपा थाना क्षेत्र के गांव बेलड़ा में नासिर अली एडवोकेट और नजर मौहम्मद एडवोकेट का जमींदारा है। दोनों ही परिवार बड़े काश्तकार के रूप में क्षेत्र में जाने जाते हैं और इनके बीच खानदानी रिश्ते भी बताये गये हैं। कहा जाता है कि बेलड़ा गांव में दोनों परिवारों की जमीन के चक भी आसपास ही हैं।

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जमीन को लेकर भी इनके बीच पुरानी रंजिश बनी है। मशहद रजा ने पुलिस को 03 नवम्बर को दी एक तहरीर में इसका जिक्र भी साफतौर पर किया है। इसमें मशहद ने पुलिस को बताया है कि उनकी कृषि भूमि बेलड़ा गांव में है। अमजद के परिवार की भी कृषि भूमि वहीं पर है और उनके खेत से मिली है। आरोप है कि अमजद और फिरोज ने खेत की चकरोड़ काटकर अपनी भूमि में मिला ली थी, इसी को लेकर उनके द्वारा उच्चाधिकारियों से शिकायत की और उस पर जांच चल रही है। मशहद का कहना है कि इसी रंजिश के कारण उन पर 3 नवम्बर की रात में हमला किया गया है। हालांकि अमजद अली और फिरोज अली ने मशहद के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

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