देहरादून। डोईवाला क्षेत्र के कंडोगल-कुडियाला गांव में सोमवार को जिला प्रशासन और मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण यानी MDDA की टीम ने एक दो मंजिला भवन को सील कर दिया। इस भवन को लेकर निर्माण मानकों, स्वीकृत नक्शे और उपयोग से संबंधित शिकायतें प्रशासन तक पहुंची थीं। जांच के बाद संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीलिंग की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भवन को सील किया गया और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
कंडोगल-कुडियाला गांव में पहुंची टीम
जानकारी के मुताबिक, मामला रानीपोखरी थाना क्षेत्र के कंडोगल-कुडियाला गांव का है। यहां लगभग 800 वर्ग फुट क्षेत्रफल में बने दो मंजिला भवन को लेकर लंबे समय से स्थानीय स्तर पर आपत्तियां उठ रही थीं। शिकायतों में भवन के निर्माण और उसके उपयोग को लेकर सवाल खड़े किए गए थे।
प्रशासन और MDDA की जांच में यह बात सामने आई कि भवन का नक्शा विकास प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं कराया गया था। इसी आधार पर प्रशासन ने आगे की कार्रवाई शुरू की। सोमवार को एसडीएम डोईवाला और MDDA की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और भवन को सील कर दिया।
बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण पर कार्रवाई
MDDA के नियमों के अनुसार प्राधिकरण क्षेत्र में निर्माण कार्य के लिए निर्धारित मानकों और स्वीकृत नक्शे का पालन जरूरी है। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार जिस भवन पर कार्रवाई हुई, उसका निर्माण स्वीकृत मानचित्र के बिना किया गया था। भवन के उपयोग को लेकर भी प्रशासन के पास शिकायतें पहुंची थीं।
इसी को देखते हुए प्रशासन ने मामले की जांच कराई। जांच प्रक्रिया के बाद भवन पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की गई है और आगे भी प्रकरण से जुड़ी जांच जारी रहेगी।
कानून-व्यवस्था को लेकर पहले से तैयारी
कार्रवाई धार्मिक परिसर से जुड़े भवन पर थी, इसलिए प्रशासन ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी। मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी में टीम ने कार्रवाई पूरी की। प्रशासन का जोर इस बात पर रहा कि कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से हो और क्षेत्र में किसी तरह का तनाव पैदा न हो।
स्थानीय स्तर पर इस भवन को लेकर पहले भी शिकायतें की जा रही थीं। प्रशासन के पास पहुंची आपत्तियों के बाद संबंधित विभागों ने दस्तावेजों और निर्माण से जुड़ी स्थिति की जांच की। इसके बाद सीलिंग की प्रक्रिया अपनाई गई।
प्रशासन बोला—नियमों का उल्लंघन मिला तो कार्रवाई होगी
प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया है कि विकास प्राधिकरण के नियमों के खिलाफ किए गए निर्माणों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार किसी भी निर्माण को लेकर अगर नक्शा, भूमि उपयोग या अन्य नियमों में गड़बड़ी मिलती है तो नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।
इस मामले में भवन से जुड़े दस्तावेजों और उपयोग को लेकर आगे की जांच भी जारी रहेगी। अभी उपलब्ध जानकारी में भवन प्रबंधन या संचालकों का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
स्थानीय शिकायतों के बाद तेज हुई प्रक्रिया
कंडोगल-कुडियाला गांव में जिस भवन को सील किया गया है, उसके संबंध में स्थानीय स्तर पर लंबे समय से सवाल उठाए जा रहे थे। शिकायतों में यह बात सामने आई थी कि भवन का उपयोग तय नियमों के अनुरूप नहीं है और निर्माण भी बिना स्वीकृत नक्शे के किया गया है।
जिला प्रशासन और MDDA ने इन शिकायतों को जांच के दायरे में लिया। इसके बाद सोमवार को संयुक्त कार्रवाई की गई। प्रशासन के इस कदम को अवैध और अनियमित निर्माणों के खिलाफ चल रही सख्ती से जोड़कर देखा जा रहा है।






